पटना: स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाडेय ने कहा है कि तथाकथित महागठबंधन में रार बरकरार है। यही नहीं इसमें शामिल दलों के नेता मानसिक रूप से बीमार हैं। इसलिए आज की बैठक में भी नतीजा सिफर रहा। यही कारण है कि कांग्रेस ने शॉटगन को 6 अप्रैल तक खामोश रहने को कहा है। यह बात दीगर है कि महागठबंधन के नेता महागठबंधन एकजुट होने की बात कर रहे हैं, लेकिन राजद ने इस मामले में चुप्पी साध पसंदीदा सीटों पर निशाना साधे रखा है।

श्री पांडेय ने कहा कि राजद दरभंगा और मधुबनी सीट पर कोई समझौता करने को तैयार नहीं है तो बिहार कांग्रेस के नेता दरभंगा को लेकर नाराज हैं। वैसे भी महागठबंधन में सिर्फ दरभंगा ही नहीं बल्कि अभी कई सीटों पर पेंच फंसा हुआ है। महागठबंधन का हाल शुरू से बेहाल है। इसकी नींव रखाते ही इसमें शामिल दलों के नेताओं ने अपने-अपने नखरे दिखाने शुरू कर दिए थे। यही नहीं जमकर सौदेबाजी की और मनमाफिक सीट लिया। हाल यह है कि जिस पार्टी का गठन साल भर के भीतर हुआ है, उस पार्टी की पौ बारह रही और 100 साल पुरानी कांग्रेस हाशिये पर रही।

श्री पांडेय ने कहा देश के सभी राज्यों में कांग्रेस का यही हाल है। लगभग राज्यों में छोटे दल न सिर्फ कांग्रेस पर हावी हैं, बल्कि समय-समय पर आंखें भी तरेर रहे हैं। उधर, महागठबंधन से अपमानित वाम दलों ने भी किनारा कर लिया है। चिह्नित सीटों पर प्रत्याशी उतारने के संकेत देकर वामदलों ने महागठबंधन के मंसूबे पर पानी फेर दिया है। वैसे भी महागठबंधन कभी भी गोलबंद हुआ हीं नहीं। शुरू से ही बिखरा हुआ है, जिसका लाभ एनडीए को मिलेगा।


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