पटना : भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि जहानाबाद और पश्चिम चंपारण में प्रशासन द्वारा माले नेताओं और दलित-गरीबों को विभिन्न तरीकों से प्रताडि़त करने की कोशिशें हो रही हैं। जहानाबाद में जहां भाकपा-माले के लोकप्रिय नेता उपाध्याय यादव पर सीसीए (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत मुकदमा थोप दिया गया है, वहीं पश्चिम चंपारण में मैंनाटांड थानाध्यक्ष ने तस्करों व भूमाफियाओं के साथ मिलकर सिंहपुर, चिउटाहां आदि गांवों के 250 से अधिक दलित-गरीबों को भूमि आंदोलन के सिलसिले में फर्जी मुकदमों में फंसा दिया है और शांतिपूर्ण चुनाव के नाम पर सीसीए एक्ट की अनुशंसा कर दी है। यह बिलकुल गैरकानूनी और अपने राजनीतिक विरोधियों को जेल में डालने का फंडा है। हमारी पार्टी सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा करती है।
माले नेता ने कहा कि  प्रशासन की यह कार्रवाई घोर पक्षपातपूर्ण है। सर्वविदित है कि उपाध्याय यादव गरीबों-किसानों-युवाओं की आवाज है। जिला प्रशासन लोकसभा चुनाव में पार्टी विशेष के पक्ष में काम कर रही है और आम जनता में भय पैदा करने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। उपाध्याय यादव पर सामंती गुंडों द्वारा बार-बार हमला किया गया है और फिलहाल वे बीमार चल रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनके उपर सीसीए लगाया गया है। उसी प्रकार पश्चिम चंपारण में अपनी जीविका, जमीन और मान-सम्मान की आवाज बुलंद करने वाले दलित-गरीबों को जेल में बंद करने की कवायद में पश्चिम चंपारण के चिउटाहां के भोला पासवान पर सीसीए लगा दिया गया है। इसने भाजपा-जदयू के दलित प्रेम के ढोंगे की पोल खोल दी है। भाकपा माले इन तमाम लोगों पर से सीसीए तत्काल हटाने की मांग करती है।

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