पटना, : राष्ट्रीय लोक समता पार्टी रालोसपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि और पार्टी से निष्कासित पदाधिकारी प्रदीप मिश्र को कानूनी नोटिस भेजा है, रालोसपा के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक ने बताया कि पार्टी के बिहार प्रदेश स्वच्छता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और जानेमाने वकील सुधीर ओझा ने नागमणि को 16 मार्च को कानूनी नोटिस भेज कर पंद्रह दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए, मल्लिक ने बताया कि नागमणि और प्रदीप मिश्र ने 12 मार्च को प्रेस कांफ्रें स कर रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और काराकाट से सांसद उपेंद्र कुशवाहा पर पैसे लेने का आरोप लगाया था, इसके अलावा दोनों ने यह भी कहा था कि उपेंद्र कुशवाहा का दुबई में मकान है, सुधीर ओझा इन आरोपों से आहत हैं और उन्होंने कानूनी नोटिस भेज कर कहा है कि वे इस आरोप के लिए पंद्रह दिनों के अंदर सबूत दें या प्रेस काफें्रस कर उपेंद्र कुशवाहा से माफी मांगें नहीं तो फिर उनके खिलाफ  मानहानि का केस किया जाएगा।  मल्लिक ने बताया कि सुधीर ओझा ने प्रदीप मिश्र और नागमणि को नोटिस भेज दिया है। ओझा ने अपने वकालत नोटिस में कहा है कि इससे न सिर्फ  पार्टी की प्रतिष्ठा तो धूमिल हुई ही है राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की छवि भी धूमिल की गई है। नोटिस में प्रदीप मिश्र से यह भी कहा गया है कि उन्होंने पार्टी पर जो करोड़ों रुपए खर्च किए हैं उसका क्या सबूत है और इस रकम का कर उन्होंने अदा किया था या नहीं,मल्लिक ने बताया कि मिश्र ने दावा किया कि उनसे लोकसभा टिकट के लिए पंद्रह करोड़ रुपए का इंतजाम करने को कहा गया था, इसका भी वे सबूत दें।


मल्लिक ने बताया कि पार्टी पूरी तरह अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खड़ी है हालांकि जिला से लेकर प्रदेश स्तर पार्टी को तोडऩे की कोशिश लगातार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर की जा रही है,लेकिन पार्टी के जिला से लेकर प्रदेश स्तर के कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ उपेंद्र कुशवाहा के साथ खड़े हैं।


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