बेतिया : पश्चिम चंपारण जिला के व्यवहार न्यायलय  परिसर  में आज उच्च न्यायालय पटना के मुख्य न्यायधीश अमरेश्वर प्रताप  शाही ने नवनिर्मित पन्द्रह न्यायलीय भवन एव जिर्णोद्धारित कार्यलय व   सीसीटीवी अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किए। अपने  चंपारण जिला के चार दिन के प्रवास में आज दूसरे दिन बेतिया व्यवहार न्यायलय का निरीक्षण करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए इशारों इशारों में सब कुछ कह डाले ।समझने वालो के लिए उनका अल्फाज काफी है। उन्होंने कहा कि न्यायिक पदाधिकारी का फर्ज ऐसी जिम्मेदारी से सुशोभित है जिसकी अपेक्षा जनता उनसे करती है ।उस पर उनको खरा उतरना चाहिए। वह एक  वैराग्य की स्थिति में बैठते हैं। इसलिए उन पर जनता का अटूट विश्वास होता है। वह 10:00 से 4:00 के नहीं बल्कि 24 /7 / 365 के  न्यायिक   अधिकारी है।हमारा समाज नैतिक मूल्यों के अभाव से गुजर रहा है इसलिए, जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए न्यायिक पदाधिकारी अपने परिपाटी को बनाए रखें क्योंकि कुछ भी गड़बड़ होता है तो जनता कहती है कि  वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा एंगे ।1961  अधिनियम में अधिवक्ताओं को अधिकार दिया गया है कि केवल वही न्यायालय में प्रस्तुति कर सकते हैं। अधिवक्ता  सत्य की खोज के सिपाही हैं जिसकी अपेक्षा हर नागरिक करता है।  समाज में  वकीलों का वर्ग  न्यायाधीशों का वर्ग जो उदाहरण पेश किए हैं उसे समाज मे विश्वास अभी भी बना हुआ है।  हम उसमें सुधार कर सकते हैं  .।न्याय की पद्धति  सख्त होनी चाहिए जिसकी अपेक्षा आज जनता हमसे कर रही है ।  धैर्य के प्रतीक न्यायपालिका है।  न्यायिक प्रक्रिया में ऐसी गति से प्रक्रिया का अंत करना चाहिए जिसमें आप सभी का सहयोग वांछित है । वकीलों को  अपनी भाषा पर नियंत्रण रखते हुए अपने सीनियर के पास रहकर उनसे कुछ सीखने की जरूरत है। जिस ज्ञान को  आदर पूर्वक अदालत के समक्ष प्रस्तुत    किया जा सके  । अधिवक्ता कुछ मांगता नहीं है वह न्यायालय से आग्रह करता है। मुख्य न्यायाधीश ने न्याय पदाधिकारी गण एवं अधिवक्ता गण से  इस मौके पर सहयोग की अपेक्षा भी किए। विदित हो कि न्यायालय परिसर में एक लोक अभियोजक का कार्यालय है जो आज भी 6 माह पानी में डूबा रहता है इसे निर्माण की आवश्यकता है । सभा का संचालन रमेश चंद्र पाठक ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला पदाधिकारी डॉ नीलेश रामचंद्र देवरे ने किया वही  न्यायिक विधि प्राधिकरण के राकेश डिकूज ने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी अंजाम दिया ।मौके पर  न्यायमूर्ति  निरीक्षी न्यायाधीश  चक्रधारी शरण सिंह , प्रधान न्यायाधीश  राजेंद्र प्रताप सिंह , एडीजे अष्टम सुरेंद्र प्रसाद , एडीजे नवम अरुण कुमार,  एडीजे सप्तम सत्यनारायण शिवहरे ,सगीर आलम,  सुरेंद्र शर्मा , मनोरंजन , सचिव जिला विधिक प्राधिकरण पश्चिम चंपारण योगेश शरण त्रिपाठी,  जय राम प्रसाद,  आरके निगम,  अभिषेक कुमार,  लोक अभियोजक  अरविंद सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता राघव शरण पांडे चिरपटिया विधायक प्रकाश राय, लौरिया पूर्व विधायक विश्वमोहन शर्मा, नगर परिषद सभापति गरिमा देवी सिकारिया, जिलाधिकारी डॉ नीलेश रामचंद्र देवरे,  डीआईजी ललन मोहन प्रसाद ,पुलिस अधीक्षक जयंत कांत,  नगर थाना अध्यक्ष श्री राम सिंह , मत्स्य  पदाधिकारी मनीष कुमार,  एसडीएम विद्या नाथ पासवान, न्यायिक विधि प्राधिकरण के नोडल शिक्षक राकेश, डिकूज,एनसीसी के शिक्षक सुरेंद्र राय, मिशन विदेश स्कूल की छात्राएं सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे ।


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