पटना: झारखंड में राजद के खंड-खंड होने और बिहार में कथित महागठबंधन के बंटाधार के बावजूद भ्रष्टाचार के चार-चार मामले में सजायफ्ता लालू प्रसाद को तीहरे हत्याकांड के आरोपित मोण् शहाबुद्दीनए बालू माफिया सुभाष यादवए बलात्कारी राजबल्लभ यादव और अलकतलरा घोटाले के सजायफ्ता इलियास हुसैन के परिजनों को उपकृत करने से कोई परहेज नहीं है। घर में लगी सियासी विरासत की आग में तेज और तेजस्वी के बीच तलवारें खींच चुकी है फिर भी होटवार जेल से लालू प्रसाद बालू माफिया सुभाष यादव को चतरा से टिकट देकर झारखंड में यूपीए गठबंधन को तोड़ और प्रदेश अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी तक को बलि चढ़ा देते हैं।   

श्री मोदी ने कहा कि यह वहीं सुभाष यादव है जिसने लालू परिवार के काले धन को सफेद करने के लिए एक ही दिन 13 जूनए 2017 को अपनी और अपनी पत्नी की बालू खनन कम्पनी के नाम से राबड़ी देवी की मां मरछिया देवी कम्पलेक्स की तीन-तीन फ्लैट 1 करोड़ 72 लाख का भुगतान कर खरीदा हुआ दिखाया था। लालू प्रसाद की पार्टी की फंडिंग भी सुभाष यादव करता रहा है और उसी के एवज में पार्टीए गठबंधन सबकों धत्ता बता कर उसे चतरा से राजद का उम्मीदवार बनाया गया है। सीटों को लेकर बिहार में राजद-कांग्रेस में जहां सिरफुटौव्वल जारी है वहीं पारिवारिक राजनीतिक विरासत के लिए तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच धमासान मचा हुआ है। यह लड़ाई केवल भाई-भाई के बीच ही नहीं भाई-बहन और समधी को लेकर भी है। डायवोर्स की लड़ाई लड़ रहे तेज प्रताप के जले पर नमक छिडक़ने के लिए तेजस्वी उनके ससुर चन्द्रिका राय को टिकट देते हैं तो बड़ी बहन मीसा भारती को स्टार प्रचारक की सूची से बाहर कर देते हैं। तेजप्रताप का छात्र राजद के राष्ट्रीय संरक्षक पद से इस्तीफा तो इस लड़ाई का शुरूआती परिणाम है।


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