पटना : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि स्वच्छ, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमिटि का गठन किया गया है। इस कमिटि के अध्यक्ष जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी है। अनुमंडल पदाधिकारी पटना सदर, सहायक निदेशक पत्र सूचना कार्यालय पटना, सहायक निदेशक दूरदर्शन पटना, इस कमिटि में सदस्य है। जिला जन संपर्क पदाधिकारी इस कमिटि  के सदस्य सचिव है।

उन्होंने बताया कि कोई भी राजनैतिक विज्ञापन बिना एम.सी.एम.सी. से सर्टिफिकेशन के किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम, व्हाटसएप गु्रप पर नहीं चलाया जा सकता है। राजनीतिक विज्ञापन बल्क एसएमएस, वॉइस मैसेज, ऑडियो विजुअल के रूप में तथा केबल टीवी, सिनेमा हॉल के माध्यम से बगैर सर्टिफिकेशन के नहीं चलाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एम.सी.एम.सी. जिला स्तर, राज्य स्तर तथा दिल्ली के स्तर पर कार्यरत है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने बताया कि जो भी राजनैतिक पार्टियों का मुख्यालय जहां अवस्थित है, वहां के एम.सी.एम.सी. से उनके विज्ञापन का सर्टिफिकेशन कराया जाना अनिवार्य है। प्रत्याशी या अन्य कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह जिला एम.सी.एम.सी. से राजनीतिक विज्ञापन का सर्टिफिकेशन कराएंगे। सर्टिफिकेशन के लिए राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत राजनीतिक दल के उम्मीदवार राजनीतिक विज्ञापन के प्रसारण के तीन दिन पहले तथा स्वतंत्र या गैर पंजीकृत राजनीतिक दल के प्रत्याशी विज्ञापन प्रसारण के सात दिन पूर्व जिला एम.सी.एम.सी. में प्रपत्र एक में आवेदन देंगे। आवेदन के साथ प्रसारण सामग्री की दो सीडी अभिप्रमाणित ट्रांसक्रिप्ट के साथ देना होगा। किस इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर कब-कब और कितने बार यह विज्ञापन दिखेगा और उसका अनुमानित खर्च से संबंधित ब्यौरा भी आवेदन में दर्ज करना होगा। विज्ञापन का भुगतान चेक और ड्राफ्ट से किया जाना आवश्यक है। उचित कारण के आधार पर जिला एम.सी.एम.सी. किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को अस्वीकृत कर सकता है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने बताया कि एम.सी.एम.सी. द्वारा सभी प्रत्याशियों, पार्टी के विज्ञापन को निर्वाचन व्यय कोषांग में तथा व्यय प्रेक्षक को नियमित रूप से भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रिंट मीडिया में भी कोई राजनीतिक विज्ञापन उम्मीदवार की सहमति से किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा प्रकाशित किया जाता है, तो उसका खर्च उम्मीदवार के खर्च में हीं जुड़ेगा। उम्मीदवार के बगैर सहमति के प्रिंट मीडिया में विज्ञापन आता है तो विज्ञापन के प्रकाशक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोई भी चुनाव से संबंधित पंपलेट, पोस्टर, हैंड बिल पर प्रकाशक, मुद्रक का नाम रहना आवश्यक होगा। मुद्रित प्रति की संख्या, खर्च की जानकारी मुद्रक को निर्वाचन व्यय कोषांग तथा एम.सी.एम.सी. में देना होगा। जिला एम.सी.एम.सी. प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित एवं प्रसारित सभी न्यूज की निगरानी करेगा तथा पेड न्यूज की संभावना बनी तो संबंधित प्रत्याशी को निर्वाची पदाधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किया जाएगा।


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