भागलपुर : बिहार में एनडीए के घटक दलों के साथ भाजपा का सीट बंटवारा तय हो गया हैए जिसकी औपचारिक घोषणा बाकी रह गई है। इस सम्बन्ध में अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ज्योतिष योग शोध केन्द्र, बिहार के संस्थापक दैवज्ञ पं. आर. के. चौधरी, बाबा भागलपुर ने विवेचनोपरान्त बतलाया कि बिहार लोकसभा की 40 सीटों में भाजपा 17, जदयू 17 और लोजपा के हिस्से में 6 सीट आई है। बिहार में एनडीए के घटक दलों में तय हुए सीट बंटवारे के आधार पर भाजपा को 17 सीटों पर अपनी उम्मीदवारी तय करनी है। भाजपा ने बिहार से अपने लोकसभा उम्मीदवार लगभग तय कर लिए हैं। अब मात्र घोषणा बाकी है।  16 मार्च 2019 को केंद्रीय चुनाव समिति की पहली बैठक होनी तय है। संभावना यह है कि केवल पहले और दूसरे चरण की सीटों के उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगेगी। बाकी सीटों के लिए अगली बैठक में निर्णिय लिया जाएगा। बिहार के 40 सीटों पर सातों चरण में मतदान होना  निर्धारित है।

पहले और दूसरे चरण में नौ सीटों पर मतदान होंगे। इनमें किशनगंज, कटिहार, बांका, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई शामिल है। इन सीटों में से भाजपा अपनी नवादा सीट लोजपा के खाते में डालेगी। नवादा से सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को टिकट मिलना है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को बेगूसराय भेजा जा सकता है। भोला सिंह के निधन के बाद यह सीट खाली है।नवादा सीट के बदले में लोजपा अपनी मुंगेर सीट छोड़ रही है, जो कि जदयू के खाते में जाएगी। यहां से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह चुनाव लड़ेंगे। पटना साहिब से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को भाजपा ने बेटिकट कर दिया है। यानी शत्रु को शत्रु समझा गया। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी जगह आर के सिन्हा को टिकट दिया जा सकता है।

भागलपुर और बांका सीट पर भी मंथन चल रहा है। भागलपुर, बांका भाजपा की हारी हुई सीट है।  जबकि भागलपुर से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के नाम की चर्चा तो है, लेकिन हारी हुई सीट के कारण उन्हें वापस किशनगंज भी भेजा जा सकता है। भागलपुर जदयू के खाते में जा सकती है और कयास लगाए जा रहे हैं कि विधान पार्षद मनोज यादव को यहां से लड़ाया जा सकता है तथा भाजपा बांका से पूर्व सांसद पुतुल सिंह की उम्मीदवारी तय कर सकती है।


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