पटना, (रिर्पोटर) : मौजूदा लोकसभा चुनाव में बढ़ चढक़र हिस्सा लेने और मतदान के प्रति आमलोगों को  जागरूक करने के लिए प्रदेश के करीब 200 बुद्विजीवियों ने एक नई पहल कर बिहार इंटेलेक्चुअल फोरम के बैनर तले 21 मार्च को दिनकर की जन्मभूमि सिमरिया पहुंचने का एलान किया है। इसमें शामिल डाक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, अधिवक्ता और  प्रात: 9 बजे सिमरिया पहुंचकर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे तत्पश्चात प्रतिमा के समक्ष अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्र के लिए मतदान और सही उम्मीदवार को मतदान के लिए शपथ लेंगे।

    बुद्विजीवियों का यह दल शपथ के बाद बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र के अलग अलग  हिस्सों में बंटकर जनसम्पर्क अभियान भी चलायेंगा। प्रचार से दूर बुद्विजीवियों का यह दल अलग-अलग जाति और धर्म से है और जिन्होंने अपने हुनर के बल पर अपनी विधा में विशिष्ट पहचान बनाई है। 30 से 40 वर्ष के आयु वर्ग के इन सदस्यों के तेवर से प्रखर राष्ट्रवाद की भावना झलकती है साथ ही सामाजिक चेतना के लिए कुछ करने की इच्छा और प्रयास भी दिखाई पड़ता है। जनसम्पर्क अभियान के दौरान दल के सदस्य मतदाताओं को सिर्फ यह कहते सुने गए कि वोट करते समय सिर्फ अपने देश की सुरक्षा, अखंडता एवं सम्प्रभुता को ध्यान में रखें। राष्ट्रीयता से कोई सहजता से यह अनुमान लग सकता है कि इनका जुड़ाव  एनडीए उम्मीदवार से  तो कहीं नहीं है, पर यह दल मतदाताओं के उपर अपने विचार नहीं थोपता। इस दल में शामिल एक चिकित्सक ने अपना नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि देश को विभाजनकारी  ताकतों से बचाने के लिए सही उम्मीदवार को मत देना ही असली हथियार है। वोट की चोट से आप अपनी पसन्द की सरकार बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि बेगूसराय के सिमरिया से यह अभियान शुरू करने के पीछे उद्वेश्य यह है कि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि से अधिक पवित्र स्थल और कहां हो सकता है। 

    इसी दल में शामिल एक अन्य युवा ने बताया कि हमें दुनियां को यह दिखाना भी है कि लोकतंत्र मूर्खों का शासन नहीं है जिसे कभी विंस्टन चर्चिल ने भारत के लोकतंत्र के संदर्भ में कहा था। प्रबुद्व वर्ग के लोग भी राजनीति में शरीक हो सकते हैं और अपने विचार व्यवहार से मतदाताओं को जागरूक कर सकते हैं। 

    इस अभियान के उद्वेश्य के संबंध में पूछे जाने पर एक अन्य युवा चिकित्सक ने बताया कि पुुलवामा हमले और उसके बाद अपने देश के द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ  की गई सर्जिकल स्ट्राइक के उपरांत ही हम सबके जेहन में यह विचार कौंधा कि इस चुनाव में मतदाताओं को जागरूक कर लोकतंत्र की मजबूती के लिए सही काम किया जा सकता है। यह दल अपनी भूमिका सिर्फ इसी चुनाव तक सीमित नहीं रखेगा बल्कि आने वाले समय में  जरूरत पडऩे पर किसी भी मुद्दे पर आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगा।


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