पटना, (रिर्पोटर) :दुनिया के कुछ सबसे कामयाब अन्वेषकों ने अपने व्यवसाय की नींव कॉलेज के दिनों में ही रख दी थी। समाज की समस्याओं को पहचान कर नए-नए तरीकों से समाधान खोजने की शुरुआत अक्सर महाविद्यालयों में पढऩे वाले छात्रों द्वारा की जाती है। ऐसे ही हैं पटना के रहने वाले दो छात्रए केशव प्रवासी और शिशिर मोदी-जिन्होंने बनाई निकी- एक ऐसी ऐप जिससे ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए अंग्रेजी या एप इस्तेमाल करने की कोई जानकारी जरूरी नहीं है। निकी से केवल बातचीत करके अब सभी भारतवासी घर खर्च संबंधी सारी ऑनलाइन पेमेंट खुद कर सकते हैं।

आईआईटी खडग़पुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले पटना के एक छोटे से कस्बे में पले-बढ़े शिशिर और केशव ने अपने दो सहपाठियों, सचिन जैसवाल और नितिन बाबेल के साथ मिलकर भारत के सभी नागरिकों को ऑनलाइन लाने की जिम्मेदारी उठाई और निकी डॉट एआई नाम के एक अनोखे स्टार्टअप का निर्माण किया। पढ़ाई के दिनों को याद करते हुए शिशिर ने कहा कि पटना के पास एक छोटे से कस्बे से अपना सफर शुरू करके आईआईटी खडग़पुर तक पहुंचना बहुत मुश्किल था। जहां एक तरफ उनके साथ पढऩे वाले दूसरे छात्र अपनी पढ़ाई में लगे हुए थे, केशव और उन्हें अपने कॉलेज के पाठ्यक्रम को समझने से पहले कंप्यूटर के इस्तेमाल को समझना था। इन्ही कुछ कठिनाइयों का सामना करते करते अपने देश के छोटे शहरों और गांव के लिए टैकनोलजी को इस्तेमाल के योग्य बनाने की प्रेरणा मिली।

निकी  के जरिये अब हर कोई हिन्दी और अंग्रेजीए दोनों ही भाषाओं में अपने वो सभी काम कर सकते हैं जो अभी तक अंग्रेजी भाषा न जानने के कारण नहीं कर पाते थे। पटना से दिल्ली जाने के लिए रेल का टिकट हो या पंकज त्रिपाठी की नई फिल्म देखने जाने का मन हो, अब किसी भी गांव या कसबे से में बैठा व्यक्ति, जो केवल हिन्दी ही पढऩा और लिखना जानता है, इस ऐप के माध्यम से अपना काम कर सकता है। यही नहीं बल्कि मोबाइल का रिचार्ज करवाना हो या फिर बिजली-पानी का बिल हो या फिर म्युनिसिपल दफ्तर में जमा करने वाला कोई टैक्स हो, आप हर काम निकी से बोल कर या लिखकर करवा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर से निकी अपने फोन में इनस्टॉल करके आप किसी भी सर्विस का इस्तेमाल फ्री में कर सकते हैं- जैसे बिल पेमेंट करना है  तो जितने का बिल है उतने पैसे ही देने होंगे, इसमें कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगता बल्कि आपको हर पेमेंट पे ऑफर या डिस्काउंट भी मिल सकता है जिससे समय के साथ साथ आप महीने में काफी पैसे भी बचा सकते हैं। फिलहाल इस ऐप में लगभग 50 कंपनियों के साथ टाईअप किया गया है जिनकी सर्विस का भुगतान इस ऐप के द्वारा किया जा सकता है।

इस ऐप में वॉयस सोल्युशन भी है जिससे यूजर को किसी भी सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए  सिर्फ अपनी बात बोलनी होगी और ऐप उनके आदेशों का पालन करेगा। ये प्रक्रिया ठीक वैसे है जैसे की हम फोन पर अपने किसी मित्र से बात करते हैं। केशव बताते हैं की उनकी ग्रेज्युएशन कि पढाई पूरी होते-होते भारत का चेहरा बहुत बदल चुका था जहां महानगरों में लोगों की दुनिया डिजिटल हो रही थी वहीं उनके घर या आस पास की जगहों में अभी भी लोगों को इंटरनेट की जानकारी या तो बिलकुल नहीं थी या बहुत थोड़ी थी। इंटरनेट घर घर पहुंच जाना एक बहुत बड़ा बदलाव था और इससे ही मद्देनजर रखते हुए अपने लोगों के लिए कुछ हासिल करना चाहते थे,  बिहार के महत्वकांशी युवक केशव और शिशिर।

निकी विक्सित करने के और कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल लेन-देन को सरल बनाने के साथ ही एक और खास काम करना जरूरी था और वह था ग्राहक की तत्काल मदद करना और नए इंटरनेट उसर्स को भरोसा दिलाना की उनका काम ऑनलाइन किया जा सकता है। उन्होंने देखा कि भारतीय लोगों को बातचीत के माध्यम से लेन-देन करने की आदत है इसलिए उस समय चल रहे कईं नामी एप्स जो केवल अंग्रेजी में थी या इस्तेमाल करने में मुश्किल थी, वह बड़े शहरों से निकलते ही काम की नहीं रहती। केशव ने बताया कि उनका  बचपन का दोस्त अशोक जो उनके गांव में ही एक मेडिकल स्टोर चलाता है उसके मन में भी ऑनलाइन पेमेंट को लेकर बहुत सी आशंकाएं हैं। डिजिटल पेमेंट को लेकर पिछले अनुभव अच्छे नहीं रहे इसके अलावा उसकी अंग्रेजी कमजोर होने के कारण भी उसे मुश्किलें आती रहीं इसलिए आज भी वो दूकान को बांध कर पूरा दिन लगाकर लाइन में लग बिल भुगतान जैसे घर के अन्य खर्चे  ऑफ लाइन ही करता है।

शिशिर और केशव के सामने यह बात साफ हो गई थी कि मदद और भरोसा दो ऐसी चीजें हैं जो लोगों को ऑनलाइन लेन देन करने से रोक रही हैं और इस तरह से उन्होंने निकी बनाने की ठानी जो एक दोस्त या सहायक बनकर सबकी मदद करेगी जिससे साधारण लोग भी आसानी से ऑनलाइन लेनदेन कर सकेंगे। सभी प्रकार के डिजिटल लेनदेनों के लिए एक ही जगह पर समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू हुआ निकी आज 30 लाख भारतीयों को 24 से ज़्यादा भाषाओं में फिल्म की टिकट खरीदना, बस की टिकट खरीदना, होटल और टैक्सी बुक करवाना से लेकर घरेलु उत्पादों के बिल चुकाना, मोबाइल रिचार्ज करवाना, स्थानीय खरीदारी जैसी ढेरों सेवाएं अपनी क्षेत्रीय भाषा में लिखकर या बोलकर कर सकते हैं। निकी सभी नए इंटरनेट उसेर्स को विशवास दिलाती है की उनका काम बिना कहीं अटके कुछ ही मिंटो में  पूरा होगा और पेमेंट के पूरा होने तक साथ निभाती है। कहीं भी कुछ समझ ना आने पर वह सहायक बनकर आपकी मदद करती है जिससे जल्दी ही भारत सच में पूर्ण तरीके से एक डिजिटल देश बन सकेगा।


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