मधुबनी , (रिर्पोटर) : भारतीय मित्र पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष धनेश्वर महतो ने कहा कि मधुबनी लोकसभा डा. शकील अहमद ने नामांकन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दाखिल किया। यह वही शकील अहमद हैं जो अपनी एक सीट के लिए कांग्रेस पार्टी को बिहार में डूबोने का काम किया। शकील अहमद ने कभी चाहा ही नहीं कि कांग्रेस पार्टी में कोई दूसरा नेता बन सके। खास तौर से मिथिलांचल में और आज वह इस कदर हताशा पर चले गए हैं कि पार्टी की तारा लुटिया डुबाने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया। इससे स्पष्ट पता चलता है कि अब यह भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का लगे हैं। क्योंकि पिछले 20 सालों में शकील अहमद कभी क्षेत्र में किसी जनता से या मुस्लिम समाज से कभी उनके दुख सुख में मुलाकात करने तक नहीं आए। क्योंकि इनके अपने बाल बच्चे यहां बिहार में नहीं रहते इंडिया में नहीं रहते वह विदेश में रहते हैं, सिर्फ इनको मधुबनी से वोट चाहिए।
उन्होंने कहा कि मधुबनी से दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं, एक बार मंत्रालय में भी रह चुके हैं, तीन बार विधायक रह चुके हैं, लेकिन एक बार भी रैयाम लोहाट सकरी चीनी मिल के ऊपर कोई बयान नहीं आया। नेता हुकुमदेव भी मंत्री रह चुके हैं, चार बार सांसद रहने के बाद एक बार मंत्री कभी रैयाम चीनी मिल लोहॉट चीनी मिल सकरी के विषय में या मधुबनी का विकास कैसे हो इस पर कभी कोई चर्चा कभी संसद में उन्होंने या विधानसभा में कभी नहीं उठाया इसका जवाब हुकुमदेव भी दें। आज हुकुमदेव नारायण के लडक़ा अशोक यादव मैदान में उतरे हुए हैं जो एक तरफ भाजपा यह कहती है कि हम वंशवाद की राजनीतिक नहीं करते हैं के 10 साल हुकुमदेव कंटिन्यू सांसद रह चुके 1999 में हुकुमदेव यहां से मंत्री रह चुके हैं हैं और अब उनका हुकुमदेव का बेटा अशोक यादव यह वंशवाद नहीं है तो क्या है?
सुनने को आ रहा है कि फातमी साहब भी 18 को नामांकन करेंगे तो मैं कहना चाह रहा हूं दरभंगा मधुबनी की जनता से फातमी साहब भी 5 साल मंत्री रह चुके हैं लेकिन रोजी-रोजगार कैसे बढ़ेगा, इसको लेकर एक भी नेता न ही कोई आंदोलन आज तक किया है और न ही कभी सदन में इसके लिए आवाज उठाई है, तो ऐसे नेता को मधुबनी और दरभंगा से वोट मांगने का भी मैं समझता हूं कोई अधिकार नहीं है।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष ललित कुमार सिंह, मधुबनी जिला अध्यक्ष राजेश कुमार महतो, इनामुल रहमान अंसारी, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद टीपू, राम अवतार यादव, विलास यादव, रामाशीष यादव, शंकर महतो शामिल थे।

Share To:

Post A Comment: