पटना, (रिर्पोटर) : एनडीए सरकार में बिहार की हुई प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक श्री राजीव रंजन ने कहा “ केंद्र और राज्य में एक जैसी विकासपरक सरकार होने का बिहार को जबर्दस्त फायदा मिल रहा है. लोग भूले नही होंगे कि राज्य में एनडीए सरकार आने से पहले बिहार कैसी बदहाल स्थिति में था. जनता और समाज में एक निराशा का माहौल था, ख़राब कानून व्यवस्था के कारण उद्योगपति बिहार से पलायन कर रहे थे. राज्य की विकास दर काफी नीचे थी, वहीँ अर्थव्यवस्था रसातल में जा चुकी थी. लेकिन 2005 में मुख्यमंत्री नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार आने के बाद स्थितियां बदलीं, प्रदेश में फिर से कानून का राज कायम हुआ, व्यापारी वर्ग फिर से वापस लौटने लगे, जिससे बिहार की विकास दर ने फिर से रफ्तार पकड़ ली. यह बिहार को आगे बढ़ाने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा पिछले कई वर्षों में लगातार किए गए इमानदार प्रयासों का ही प्रतिफल है कि आज विकास दर के मामले में आज बिहार देश का नं वन राज्य बना हुआ है.  आज बिहार की विकास दर 11.3 फीसद है जो देश में सर्वाधिक है. आज राज्य में 80 फीसद राजस्व विकास पर खर्च किया जा रहा है.  ”

श्री रंजन ने आगे कहा “ सरकार के इन कार्यों के असर से आज राज्य के उद्योग धंधे फिर से फलने फूलने लगे हैं. आज प्रदेश में कृषि आधारित उद्योग तकरीबन 19.2 फीसद की विकास दर से प्रगति कर रहे हैं. सार्वजनिक निवेश की बात करें तो 2012-13 के 5,988 करोड़ रुपये के मुकाबले अभी यह 17,585 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, वहीं सड़क क्षेत्र के बजट में पिछले सात वर्षों में तीन गुना वृद्धि हुई है. आज ग्रामीण सड़कों के मामले में बिहार तीसरे नंबर पर आ चुका है. बैंकिंग के मोर्चे पर भी राज्य की पहले से बेहतर स्थिति है. बैंक में राशि जमा करने में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि है, वहीं कर्ज मिलने की दर में 11.7 फीसद का इजाफा हुआ है. 2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद तो बिहार और तेजी से आगे बढ़ने लगा है. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि अगर ऐसी ही परिस्थितियां रहीं बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में आने से कोई नही रोक सकता.”

Share To:

Post A Comment: