गया (पंकज कुमार सिन्हा ) गया सुरक्षित लोकसभा सीट में महा समर का बिगुल फूंका जा चूका है | मतदान कि तारीख  प्रथम चरण केअंतर्गत  11 अप्रैल को निर्धारित है| वैसे तो इस चुनावी महासमर में 14 प्रत्यासियों ने अपनी –अपनी उम्मीदवारी के पर्चे भरे थे |एक प्रत्यासी के नाम वापस लेने के बाद 13 प्रत्यासी अपना भाग्य आजमा रहे हैं| लेकिन स्थानीय वोटरों का मिजाज जानने वालों कि नज़र में  मुकाबला द्विपक्षीय ही है | एक तरफ महागठबंधन के उम्मीदवार एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी है तो दुसरे तरफ एनडीए के उम्मीदवार विजय मांझी है |

सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का लम्बा राजनीतक अनुभव,जिले में उनकी लोकप्रियता ,विरोधी खेमे में भी उनके शुभचिन्तकों  कि कमी नहीं होना यह महागठबंधन कि उम्मीद कि एक बड़ी वजह है | उधर एनडीए के प्रत्यासी विजय मांझी जिले से पूर्व संसद स्व.भगवतिया देवी के पुत्र है साथ ही पूर्व विधानसभा सदस्य भी रह चुके है जिले कि राजनीती कि अच्छी समझ भी रखते है | इनकी बहन समता देवी वर्तमान में बारहचट्टी विधान सभा से राजद कि वर्तमान विधायक भी है |एनडीए को अपने उम्मीदवार कि मजबूती के साथ साथ मोदी लहर  का भी सहारा है | दोनों पक्ष के लोग जिले में सघन जन संपर्क में जुटे हुए है | कोई अपनी पार्टी के वादों तो कोई अपनी सरकार के काम से वोटरों को लुभा रहा है | एनडीए खेमे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कि 2 अप्रैल को होने वाली संभावित रैली से पूरी उम्मीद है कि इस रैली के बाद मुकाबला एक तरफ़ा हो जायेगा | भारतीय जनता पार्टी के जिला में महत्वपूर्ण प्रचारकर्ता कंचन सिन्हा के अनुसार जिले में मुकाबला एक तरफ़ा है भाजपा के कार्यकर्ता दिन रात एक कर नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए एनडीए उम्मीदवार को जिताने में लगे हैं| उधर महागठबंधन कि समता देवी भी अपने सगे भाई का विरोध कर महा गठबंधन के उम्मीदवार जीतन राम मांझी के पक्ष के खड़ी है|

कुछ भी हो इस महासमर में इस सीट के सभी दावेदारों कि नज़र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कि गया के गाँधी मैदान में  मंगलवार को होने वाली जनसभा पर लगी है | इसके बाद सही समीकरण सामने आने लगेंगे |


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