रांची, (रिर्पोटर) : प्रदेश भाजपा के महामंत्री एवं चतरा के प्रत्याशी सुनिल सिंह ने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक शब्दों के प्रयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बाद चुनाव आयोग द्वारा चौकीदार चोर है के नारे पर कांग्रेस को करारा झटका दिया है। इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित होकर चुनावी लाभ के लिए अमर्यादित एअभद्र और अशिष्ट टिप्पणियां कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के प्रति बार.बार अपमानजनक शब्दों के प्रयोग से असहमति जताते हुए चुनाव अयोग की रोक से पूर्व सुप्रीम कोर्ट भी राहुल गांधी से इस टिप्पणी पर जवाब.तलब कर चुका है। स्पष्ट है कि कांग्रेस को विधि सम्मत और देश के संविधान के मुताविक कार्य करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। खास कर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने के लिए इतनी हड़बड़ी में हैं कि बिना सोचे.समझे मनगढ़ंत आरोप लगा कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। कांग्रेस के विज्ञापन में प्रधानमंत्री के बारे में अनाप.शनाप बातें भी लिखी हुई थी, जिसे चुनाव अयोग ने गंभीरता से लिया है।

प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस के झूठ और गलतबयानी का पर्दाफाश हो गया है। कांग्रेस के नेता राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पद की हीं नहीं संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी भूल गए हैं। वे कभी राष्ट्रपति पद पर बैठे व्यक्ति की जाति पर टिप्पणी करते हैं तो कभी प्रधानमंत्री पर झूठे और तथ्यहीन आरोप लगाते हैं।  लेकिन इस लोकसभा चुनाव में जनता उन्हें माकूल जवाब देगी। खुद तो बालू का ठेका तक मुंबई के ठेकेदार को दे दियाएअब बेरोजगारी की बात करते हैं.आदित्य

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि झामुमो के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चाहे जितने भी झूठ बोल लें, जनता उनकी बातों पर यकीन करने वाली नहीं। जहां तक रोजगार का सवाल है तो राज्य में डबल इंजन की सरकार ने इस दिशा में ऐतिहासिक सफलता पायी है। डोमिसाइल नीति की घोषणा, ग्लोबल समिट, मुद्रा बैंक लोन कौशल विकास, सखी मंडल के जरिये राज्य के लाखो युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए। ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्थाओं पर अलग-अलग शुरु की गई योजनाओं से भी रोजगार के काफी अवसर उत्पन्न हुए।

दूसरी ओर हेमंत सोरेन ने अपने कायर्काल के दौरान बालू का ठेका तक मुंबई के ठेकेदार को दे दिया गया, जिससे राज्य के हजारो लोग बेरोजगार हो गए। उन्होंने ऐसा कोई कार्य नहीं किया, जिससे राज्य की बेरोजगारी दूर हो सके। झामुमो नेतृत्व को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य में उद्योग-धंधे स्थापित करने को लेकर भोले-भाले लोगों को भडक़ा कर निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए आंदोलन करवाना क्या लोगों को रोजगार से वंचित नहीं कर रहा है। राज्य के विकास परियोजनाओं पर झामुमो ने हमेशा हीं नकारात्मक रुख अपना कर विकास प्रक्रिया को बाधित किया। लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होगा। झारखंड के लोग झामुमो के चरित्र को खूब समझते हैं। वे नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का मन बना चुके हैं।

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