पटना, (रिर्पोटर) : हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी चुनावी घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी कहा कि अधिकांश वही मुद्दे बिहार राज्य के हैं लेकिन इनकी गंभीरता अधिक है। बिहार में साक्षरता, प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति बिजली खपत, प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाएं, प्रति व्यक्ति कृषि योग्य भूमि की उपलब्धता, जनसंख्या अनुपात में मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज एवं विश् विविद्यालय राष्ट्रीय आ ैसत से कम है। बिहार राज्य के बंटवारे से खनिज पदार्थ और उनसे जुड़े कल कारखाने शून्य हो गये।




उन्होंने कहा कि स्कूल से विश्वविद्यालय स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना, शिक्षक के सभी खाली पदों पर प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर उनकी वेतनमान में नियुक्ति, पर्याप्त संख्या में स्कूल, कॉलेज, तकनीकी  संस्थान एवं विश्वविद्यालय खोलना जो सभी जरूरी संसाधनो से युक्त है। कौशल विकास के लिए केन्द्रीय योजनाओं के अनुरूप व्यवसायिक शिक्षा केलिए अधिक से अधिक संस्थान खोलना, राज्य में बुद्धा स्मृति पार्क, बड़ा म्यूजियम निर्माण, ज्ञान भवन, सभ्यता द्वार के बजाये सॉफ्टवेयर  टेक्नोलॉजी पार्क, कृषि आधारित व्यवसायिक ट्रेनिंग सेंटर आदि खोलना। श्री मांझी ने कहा कि राज्य में पंूजी के लिए कृषि एक मात्र आर्थिक स्रोत है। मिट्टी उपजाऊ है और नदियों का जाल है लेकिन जनसंख्या धनत्व देश में अधिकतम है। जहां द ेश की औसतन जनसंख्या प्रति वर्ग किमी लगभग 300 से है। वहीं बिहार का 1150 है इसलिए जमीन का अधिक उपयोग करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से खेती, सिंचाइ की ठोस व्यवस्था, मछली एवं पशुपालन, फल और सब्जी की खेती, दुग्ध उत्पादन, कृषि और कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों मे रोजगार का सृजन एक बड़ी चुनौती है। राज्य के लिए तीसरा बड़ा मुद्दा है भ्रष्टाचार जो न सिर्फ बिहार के आर्थिक विकास में एक बड़ा बाधक है बल्कि लोगों को भी रोजमर्रा के कार्य संपादन में अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। भ्रष्टाचार शासन के शीष्र से बहकर  नीचे उतरता है इस संबंध में श्री मांझी ने शीर्ष स्थान पर एस्टिमेट घोटाला और फिजूलखर्ची को उजागर किया है। गरीब के लिए जितनी सारी योजनाएं चलायी जाती है उनका 80 प्रतिशत भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है बिना रिश्वत लिये थाना और प्रखंड में जतना का कोई कार्य नहीं होता है।

उन्होंने कमजोर वर्गों के लिए कहा कि वास हेतु बाजार दर पर क्रय कर 5 डिसमिल भूमि की व्यवस्था, शहरी क्षेत्र में भी वास हेतु 3 डिसमिल भूमि की व्यवस्था, कृषि कार्य केलिए एक एकड़ भूमि क्रय कर गरीबों के लिए व्यवस्था। अनारक्षित सवर्ण गरीबों के लिए आरक्षण हेतु समिति का गठन करना। धान की 27 प्रतिशत नमी होने पर भी प्रति क्विंटल 5 किलो अधिक धान लेकर क्रय की व्यवस्था कर ना। पत्रकारों के लिए पत्रकार पेंशन योजनाअन्तर्गत आच्छादित करना। प्रखंड स्तर तक के निबंधित पत्रकारों को भी इस कार्य योजना में समाहित करन। पत्रकारों के लिए दुर्घटना बीमा योजना लागू करना, शराबबंदी कानून में बंद दलित एवं अन्य गरीब वर्ग के लिए लोगों को मुक्त करने की व्यवस्था करना। वर्तमान शराब नीति की समीक्षा करना। मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोडऩा। वित्तरहित विद्यालय एवं महाविद्यालय को अधिग्रहित करने की कार्रवाई की जायेगी। विचाराधीन कैदियों को भी मत देने का अधिकार दिया जाये। ई-रिक्शा को टैक्स से दूर रखा जायेगा। प्रान्त में अन्य शहरों को स्मार्ट सिटी मेंलाने हेतु कारगर उपाय के साथ साथ स्मार्ट ग्राम निर्माण योजना पर पार्टी काम करेगी।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष बीएल वैश्यंत्री, ज्योति सिंह, अनामिका पासवान, विजय यादव, अमरेन्द्र त्रिपाठी, रामविलास प्रसाद इत्यादि उपस्थित थे।


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