पटना, (रिर्पोटर) : बिहार के पथ निर्माण मंत्री  नन्द किशोर यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र की एनडीए सरकार ने पिछले पांच वर्षों के भीतर भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर वार कर विपक्ष की बोलती बन्द कर दी है। भयाक्रांत ऐसे तबके के पास कोई चुनावी मुद्दा ही नहीं रह गया है।   

    श्री यादव ने आज यहाँ कहा कि भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ  प्रधानमंत्री की कठोर कार्रवाई को पूरे देश ने सराहा लेकिन विपक्ष का वह तबका कराह उठा जिसके नेता इसमें लिप्त थे और नाना प्रकार के घपले-घोटाले में संलग्न पाये गये हैं। कालाधन (अघोशित विदेशी आय और संपत्ति) तथा कर अधिरोपण कानून 2015 लागू होने के बाद लगभग तीन लाख फर्जी कम्पनियों के खिलाफ  हुई कार्रवाई ने उन नेताओं के होश फाख्ता कर दिये जो चुनाव के मौके पर विरोध के मुद्दे तलाशतेे हैं। बेनामी सम्पत्ति अधिनियम के जरिये कालाधन पर लगाम कसने के बाद सबसे ज्यादा तिलमिलाहट कांग्रेस के उन नेताओं में है जिन्होंने सरकारी खजाने को करोड़ो-अरबो रुपये का चूना  लगाया।

    श्री यादव ने कहा कि भारत सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ  मजबूत इरादे का ही परिणाम है कि बीते वित्तीय वर्ष में आयकर रिटर्न की संख्या 6.84 करोड़ हुई जो कांग्रेसनीत यूपीए के शासनकाल 2013-14 की तुलना में 80 प्रतिशत अधिक है। आज देष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस संकल्प के साथ है जिसमें उन्होंने कहा है - ‘पारदर्शिता और जवाबदेही ना सिर्फ लोगों को सरकार के करीब लायेगी बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया का समान और अहम हिस्सा बनायेगी। ‘आखिर मोदी है तो क्या नामुमकिन है।


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