गया (पंकज कमार सिन्हा) : पटना से आये निगरानी विभाग की टीम को सरकारी काम के बदले मे रिश्वत लेने के मामले मे एक बड़ी सफलता मिली जब गुरुवार की देर शाम गया के सदर एसडीओ सूरज कमार सिन्हा एक भूमि विवाद के मामले को सुलझाने के एवज मे 2 लाख रुपए नकद रिश्वत लेते हुए  पकडे गये ।निगरानी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी गोपाल पासवान ने मामले मे बताया कि सैयद शारिम अली   ने 16 अप्रैल को विजिलेंस में एसडीओ सुरज कमार सिन्हा के ख़िलाफ़ शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद गुरुवार देर शाम उन्हें उनके सरकारी आवास से घूस की रक़म के साथ रंगे हाथों हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि जदयू नेता सैयद शारिम अली ने ब्यूरो ऑफ़िस में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक भूखंड पर दफ़ा 144 और 145 नहीं लगाने के लिए गया के सदर एसडीओ सूरज कुमार सिन्हा ने पांच लाख रुपए रिश्वत की मांग की है। उन्होंने बताया कि निगरानी विभाग को किए गए शिकायत में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सदर एसडीओ ने वज़ीरगंज में उनकी एक ज़मीन पर दफ़ा 144 और 145 के तहत कार्रवाई की धमकी देकर उनसे पांच लाख रूपए घूस की मांग की थी। उन्होंने बताया कि शारिम अली ने पांच लाख रुपए देने में असमर्थता जताई। फिर मामला 2 लाख रुपए पर सेट हुआ। जिसे देने गुरुवार की शाम शारिम अली एसडीओ आवास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उक्त ज़मीन पर कोर्ट में चल रहे वाद को वे जीत चुके हैं, इसके बावजूद फिर से शिकायत आने की बात कह कर एसडीओ उनसे घूस की मांग कर रहे थे। विजिलेंस डीएसपी के मुताबिक़ निगरानी ने पहले आरोप की जांच कराई। जांच में आरोप को सही पाया गया। निगरानी के हत्थे चढ़े सदर एसडीओ को निगरानी अदालत में शुक्रवार को पेश करने के लिए ब्यूरो टीम गया से ले गई। वहीं दूसरी तरफ़, सूरज कुमार सिन्हा ने अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को सोची-समझी साज़िश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा ही सक्रिय होकर काम करते रहे हैं। वह भू-माफ़िया के साज़िश का शिकार हो गए। उन्होंने कहा कि पूर्व में सैयद शारिम अली ने एक ज़मीन पर क़ब्ज़े की कोशिश की थी, जिसमें उन्होंने उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की थी। इसी वजह कर उन्होंने ये साज़िश रच कर उन्हें फंसाया।

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