फतुहा, (रिर्पोटर) :  प्रखंड बाल विकास परियोजना कार्यालय के तत्वावधान में  मतदाताओं को जागरूक करने हेतु कलश यात्राए रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया द्य इस मौके पर वक्ताओं ने मतदान के महत्त्व की चर्चा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश में लोगों के पास मतदान का अधिकार सबसे बड़ा संवैधानिक अधिकार है द्य मतदान के माध्यम से हम अपनी पसंद के जन प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं और हमारे द्वारा चुने गए जन प्रतिनिधि ही देश के विकास के लिए नीतियां बनाते हैं इस तरह हम मतदान के माध्यम से अपने सामूहिक हित के लिए खुद सरकार का चयन करते हैं और चुनी गई सरकारें हमारे हितों का ख्याल रखतीं हैं द्य उन्होंने लोगों से मतदान में बढ़ दृ चढक़र हिस्सा लेने का आह्वान किया ताकि मतदान में हर मतदाता की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो सके और हमारा लोकतंत्र मजबूत बन सके।  वक्ताओं में सीडीपीओ ममता समेत अन्य पर्यवेक्षिका और अन्य लोग शामिल थे द्य इस मौके पर विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों की सेविका दृ सहायिका मौजूद थीं ।  पटना साहिब बिहार की हाई प्रोफाइल ससंदीय सीटों में से एक है ।इस सीटों पर पिछले 10 सालों से भाजपा का कब्जा है।2008 में हुए नए परिसीमन के बाद पटना से पटना साहिब के नाम से जाना जाता है। अभी तक  के दोनों लोकसभा चुनाव 2009 एवं 2014 में भाजपा की ओर से शत्रुघ्न सिन्हा को ही जीत मिलती आईं है, इस बार शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं दूसरी ओर उनके सामने केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद हैं, दोनों नेताओं को कल बहुत बड़ा है इसलिए एनडीए और महागठबंधन आमने-सामने प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

इस सीट से 2009 में कांग्रेस ने शेखर सुमन को उतारा था दूसरी ओर बीजेपी से शत्रुघ्न सिन्हा थे उसी चुनाव में राजद की ओर से विजय कुमार को उम्मीदवार बनाया गया था।उस समय शत्रुघ्न सिन्हा को 3,16,549 तथा राजद के विजय कुमार को 1,49,779 मत पड़ा था , कांग्रेस प्रत्याशी शेखर सुमन को मात्र 61,3308 मत मिले थे। और वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद 2014 में कांग्रेस के टिकट पर भोजपुरी सिनेमा के महानायक कुणाल सिंह को टिकट दिया गया था, कुणाल को 2,20000 हजार मत मिले थे उस चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा को 4लाख 35 हजार मत मिले थे उस समय जदयू से  गोपाल प्रसाद उम्मीदवार थे उन्हें मात्र  91 हजार मत पर्याय कर तीसरे स्थान पर रहे थे। इस बार शत्रुघ्न सिन्हा भाजपा छोड़ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव पर तार ठोक रहे हैं दूसरी ओर भाजपा से कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद है ।
 यह है पटना साहिब का तस्वीर इस क्षेत्र में हाई कोर्ट, सचिवालय, राज्य पाल , चिड़ियाघर, अजायबघर, महावीर मंदिर, पटना साहिब गुरुद्वारा, पटना विश्वविद्यालय, नालन्दा मुक्त  विश्वविद्यालय आर्यभट्ट ज्ञाण विश्वविद्यालय, चाणक्य विश्वविद्यालय, फतुहा में कबीरस्थान समेत कई बड़े संस्थान मौजूद है। पटना साहिब सीट के अन्तर्गत 6 विधानसभा सीटें हैं इसमें से पांच सीटों पर  भाजपा के कब्जा है केवल एक सीट पर राजद के है।

वोटर की संख्या इस प्रकार है

विधानसभा       वोटर की संख्या
फतुहा।                264941
बख्तियार पुर।      272424
दीघा।                 449555
बाकी पुर            380285
कुम्हार                423281
पटना साहिब।     254241

 जातियों आंकड़ा कुछ इस प्रकार है,कुल वोटर की संख्या 21लाख के लगभग है
ब्राह्मण                67606
राजपुत।             152968
भुमिहार।            100815
कायस्थ।             125571
इसाई।                 5070
मुसलमान।           130010
यादव।                 313364
कुर्मी।                   2491851
लोहार।                 5669
माली।                  3095
हजाम।                 15372
नोनीया।                4508
सोनार                   2552 
तेली।                    25945
तांती।                   2187
धोनी                     25251

रविदास।                120599
पासवान।                117875
मुसहर।                   20330
डोम                        23666
पासी।                     26940
बनीया।                  166034
बिंदु।                      9284
बढ़ई                      13124
धानुक                    11301
कुम्हार।                   12271
कलवार                   1227
कहार।                     82227

बताया जाता है कि यादव, मुस्लिम और महादलित महागठबंधन के साथ है दूसरी ओर ब्राह्मण, भुमिहार, राजपूत, हजाम ,कहार,बड़ही , लोहार, तेली ,बनीया तांती सोनार,पासवान,कुमहार एनडीए की ओर जाते देखा जा रहा है दूसरी ओर कुर्मी और राजपूत के अधिकांश के घरों में ताला लटका हुआ है  वे लोग चुनाव में भी भाग नहीं लेते हैं दूसरी ओर यादव, मुस्लिम तथा महादलित के अधिकांश लोग घर में रहने के कारण चुनाव में भाग लेते हैं  इससे चुनाव में भारी अंतर पर सकता है  ,सबसे बड़ी समस्या है अपराध और भ्रष्टाचार इस समस्या से नेता और सरकार छोड़ सभी लोग भयाक्रांत तथा त्राही त्राही मचा हुआ है जबकि यह दोनों समस्या किसी भी दलों के घोषणा पत्र में नहीं है ‌दूसरी ओर आम नागरिकों को मानना है कि जीत के  बाद रविशंकर जी हो या शत्रुध्न सिन्हा पांच साल के बाद चुनाव के समय ही दर्शन होंगे। रविशंकर प्रसाद कानून मंत्री रहने के बावजूद भी जनहित में एक कानून नहीं बना सके । यदि एक भी कानून बना देते कि निर्दोष लोगों को जेल भेजने वाले पुलिस अधिकारी को भी जेल जाना होगा तथा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ थाने में  मुकदमा दर्ज होगा तथा जिस प्रकार आम नागरिकों को तुरंत गिरफ्तार किया जाती है उसी प्रकार भ्रष्ट अधिकारी भी जेल जाएगा ।आज लाखों निर्दोष लोग जेल में बंद हैं उसके बारे में नहीं सरकार को चिंता है और नहीं नेता को चिंता है।यदि यह कानून बना देते तो  लोगों के बीच दर दर भटकना नहीं पड़ता।

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