पटना, (रिर्पोटर) : उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कभी कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने नरेन्द्र मोदी को ‘नीच जाति’ का कहा था, अब राजद-कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री को फर्जी ओबीसी बता कर राजनीतिक जलन में पिछड़े वर्गों का अपमान कर रहे हैं। असली ओबीसी का दावा करने वालों कोे बताना चाहिए कि आज वे खुद ‘एम-वाई’ तक सिमट कर क्यों रह गए हैं? पिछड़ों को ठग कर 15 वर्षों तक राज करने वालों का तो नारा ही था-‘जात-पांत जपना, जनता का माल अपना।’


बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल जो नरेन्द्र मोदी की जाति पर सवाल उठा रहे हैं नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने के पहले कांग्रेस की उस छबिल दास मेहता की सरकार में खुद मंत्री थे, जिसने 25 जुलाई, 1994 को गुजरात की मोध घांची  (नरेन्द्र मोदी की जाति) को पिछड़ी जाति में शामिल किया था। गुजरात की धांची ही बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ सहित देश के आधे दर्जन राज्यों में ‘तेली’ के नाम से जाने जाते हैं।


राजनीति में पिछड़ों को बंधुआ मजदूर समझने वालों के ढोंग को उजागर कर जब नरेन्द्र मोदी ने उनके एकाधिकार को तोड़ा तो अब उन्हें जलन हो रही है। आज पिछड़े वर्ग की सभी जातियां पूरी तरह से नरेन्द्र मोदी के पीछे खड़ी है। नरेन्द्र मोदी को दी गई हर गाली व अपमान का बदला अपने वोट से केवल पिछड़े वर्ग के लोग ही नहीं, पूरे देश की जनता लेगी।


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