पटना, (रिर्पोटर) : मोदी सरकार में दस प्रतिशत आरक्षण दे दिया तथा आरक्षण के दायरे में जितने भी सवर्ण जाति हैं वे सभी इसका लाभ लेंगे। जहां बिहार में ब्राह्मण की संख्या है और ब्राह्मण हर पार्टी या दल में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं फिर भी लोकसभा चुनाव में ब्राह्मणों को टिकट देना मुनासिब नहीं समझा। इसको  लेकर आज ब्राह्मजन एकता परिषद की बैठक में परिषद के अध्यक्ष जे. एन. त्रिवेदी अपने आवास पर पत्रकार वार्तालाप में उक्त बाते कही।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि आज बदली हुई परिस्थिति में सभी राजनीतिक दलों ने ब्राह्मजन का उपेक्षा करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक दलों द्वारा उतारे गये बहुजन उम्मीदवारों को विजय बनाने में सक्रिय समर्थन देंगे। जितना सीट इन्हें मिलना चाहिए उतना नहीं मिला। पार्टी तो वोट ले लेती है मगर राजनीतिक भागीदारी की बात आती है वे मुकर जाते हैं। एकता परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि बहुजनों के नाम पर नयी पार्टी ब्राह्मजन का गठन किया जायेगा। यह पार्टी आने वाला विधानसभा 2020 के चुनाव में सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेगा।

इस बैठक में सर्वसम्मति से ब्राह्मजन एकता परिषद के प्रधान महासचिव सच्चिदानंद राय को बनाया गया है और उन्हें महाराजगंज लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाने की घोषणा की गयी है वे तत्काल निर्दलय चुनाव लड़ेंगे, जितने देश में ब्राह्मजन पार्टी के लोगों ने इनका समर्थन करेंगे। बैठक में आरएन मित्रा, पं. जी पांडे, लक्ष्मण  पांडे, अंजनी कुमार राजू, भागवत शर्मा, अरविन्द जी, प्रभाकर चौबे इत्यादि उपस्थित थे।


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