पटना, (रिर्पोटर) :उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए अपने शपथ ग्रहण समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आमंत्रित किया, लेकिन उरी और पुलवामा हमलों के बाद घर में घुस कर आतंकी ठिकानों पर हमला करने में भी नहीं चूके। वे युद्ध और शांति, दोनों के मसीहा हैं। आजादी के बाद पहली बार किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया था।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस-राजद के लोग केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए प्रधानमंत्री पर मुसलिम- विरोधी होने के आरोप लगाते हैं, जबकि सचाई तीन  मुसलिम देशों में मोदी जी को मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान के आईने में साफ झलकती है।प्रधानमंत्री मोदी ने जहां मुसलिम देश में हिंदू मंदिर का शिलान्यास किया, वहीं सऊदी अरब ने भारतीय हज यात्रियों का कोटा बढ़ा कर 2 लाख कर दिया। इससे बिहार सहित देश भर के सभी आवेदकों को पवित्र यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा। यूपीए के 10 साल में मनमोहन सिंह कभी इस्लामाबाद नहीं गए, जबकि  प्रधानमंत्री मोदी दोस्ती की खातिर मात्र 4 घंटे पहले की सूचना पर नवाज शरीफ के पारिवारिक कार्यक्रम में शरीक होने पहुंच गए।  प्रधानमंत्री की वजह से  मुसलिम देशों के साथ आज हमारे सबसे अच्छे रिश्ते हैं।

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