पटना, (रिर्पोटर) : 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० बिहटा, पटना द्वारा शनिवार (27 अप्रैल) को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वय से माननीय पटना उच्च न्यायालय में भूकम्प सुरक्षा पर संयुक्त मॉक अभ्यास "सहयोग" का सफल आयोजन किया गया। इस मौके पर माननीय पटना उच्च न्यायालय के श्री बी० बी० पाठक, रजिस्ट्रार जनरल, श्री शैलेन्द्र सिंह, रजिस्ट्रार एडमिनिस्ट्रेशन, श्री आलोक पाण्डेय, रजिस्ट्रार एडमिनिस्ट्रेशन तथा 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० के श्री विजय सिन्हा, कमान्डेंट, श्री रवि कान्त, द्वितीय कमान अधिकारी, श्री कुलदीप कुमार गुप्ता, उप कमान्डेंट, डॉ० ललन कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

भूकम्प सुरक्षा पर आधारित इस संयुक्त मॉक अभ्यास में पटना उच्च न्यायालय के स्टाफ के साथ-साथ 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ०, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, एस०डी०आर०एफ०, पुलिस,  ट्रैफिक पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड तथा राज्य मेडिकल सेवा की टीमों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

माननीय पटना उच्च न्यायालय परिसर में शनिवार को दोपहर 02:30 बजे अचानक इमरजेंसी सायरन बजा जो कि इस बात का सूचक था कि भूकम्प आ चुका है। तुरन्त, उच्च न्यायालय परिसर में मौजूद सभी स्टाफ ने "झुको", ढको" व "पकड़ो" ड्रील अपनाया। फिर पटना उच्च न्यायालय परिसर के आपातकालीन निकास दल द्वारा सभी लोगों को तरतीबवार असेम्बली एरिया में एकत्रित किया गया। तत्पश्चात उनकी गिनती की गई। फिर माननीय पटना उच्च न्यायालय में गठित की गई खोज व बचाव टीम ने भूकम्प के बाद भवनों में फँसे घायलों को निकालने का अभ्यास किया। प्रा‍थमिक चिकित्‍सा दल द्वारा घायलों को अस्पताल-पूर्व चिकित्सा देने का भी अभ्यास किया गया। 

इस मॉक अभ्यास के दौरान 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० की टीम चित्रित किये गए दृश्यों के अनुसार भवनों में फँसे 07 पीड़ितों को रोप रेसक्यू तकनीक तथा अन्य तरीकों से सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। इस दौरान एन०डी०आर०एफ० की टीम द्वारा भवनों में फँसे पीड़ितों को खोजने के लिए प्रशिक्षित स्वान दस्ता तथा विक्टिम लोकेटिंग कैमरा का इस्तेमाल किया गया। फिर घायलों को अस्पताल-पूर्व चिकित्सा मुहैया कराकर बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें तुरन्त एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया।  मौके पर उपस्थित माननीय पटना उच्च न्यायालय के स्टाफ तथा अन्य एजेंसियों की जानकारी के लिए कार्यक्रम के आखिर में एन०डी०आर०एफ० द्वारा आपदा प्रबंधन उपकरणों का एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

श्री विजय सिन्हा, कमान्डेंट, 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० ने कहा कि भूकम्प जैसी आपदा में नुकसान न हो इसके लिए जरूरी है कि इस प्रकार के मॉक अभ्यास का आयोजन नियमित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आज के इस मॉक अभ्यास के आयोजन से पहले माननीय पटना उच्च न्यायालय के स्टाफ को 01 सप्ताह का भूकम्प सुरक्षा पर प्रशिक्षण दिया गया। भूकम्प आने पर अपनाये जाने वाले सुरक्षात्मक पहलूओं तथा रेस्पांस मैकेनिज्म को भी बताया गया तथा इसका अभ्यास करवाया गया। उन्होंने आगे बताया कि भूकम्प अथवा अन्य आपदा को रोका नहीं जा सकता लेकिन आपदा से पूर्व हमारी तैयारी, प्रशिक्षण तथा जागरूकता निश्चित तौर पर आपदा से होने वाले नुकसान को रोक सकता है।

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