पटना, (रिर्पोटर) : राजद सूप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पत्र के माध्यम बिहार की जनता से अपिल कर कहा कि बिहार एक नयी गाथा लिखने जा रहा है,लोकतंत्र का उत्सव चल रहा है,यहां रांची के अस्पताल में अकेले में बैठकर सोच रहा हूं कि क्या विध्वंसकारी शक्तियां मुझे इस तरह कैद कराके बिहार में फिर किसी शडय़ंत्र की पठकथा लिखने में सफल हो पाएंगी बिहारवासियों के साथ मैं फिर से धोखा नहीं होने दंूगा।  मैं कैद में हूं मेरे विचार नहीं। अपने विचारों को आपसे सांझा कर रहा हूं क्योंकि एक दूसरे से विचारों को सांझा करके ही हम इन बांटने वाली ताकतों से लड़ सकते है।


रांची के अस्पताल में अभी शाम में अकेले बैठकर आप लोगों से बात करने का मन हुआ, जैसा की आप सब जानते ही है लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है,देश में बहुत बार चुनाव हुआ है पर इस बार का चुनाव पहले जैसा चुनाव नहीं है। इस बार के चुनाव में सब कुछ दांव पर है,देश, समाज, लालू यानी आपका बराबरी से सिर उठाकर चलने का जज्बा देने वाला और आपके हक और आपकी इज्ज़त और गरिमा सब दांव पर है। लड़ाई आर-पार की है। मेरे गले में सरकार और चालबाजों का फंदा कसा हुआ है उम्र के साथ शरीर साथ नहीं दे रहा पर आन और आबरू की लड़ाई में लालू की ललकार हमेशा रहेगा।  जैसे गांधी जी ललकार कर अंग्रेजों भारत छोड़ो कहने के बाद करो या मरो का नारा दिए थे। वैसे  ही यह लड़ाई देश तोडऩे वाले लोगों के खिलाफ है, संविधान में दिए हक की हिफाजत की लड़ाई है। आरक्षण और संविधान विरोधी नरेंद्र मोदी को खदेडऩे की लड़ाई में करो या मरो वाले जज्बे की जरूरत है हर आदमी को लालू यादव बनना होगा।  सामने चाहे कितनी भी मुश्किल हो, डर और धमकी हो, लालच हो, खतरा हो डटकर लडऩा होगा ।

आप सब अखबार और टेलीविजऩ आदि के माध्यम से जानते ही है कि किस प्रकार मोदी की सरकार ने आपके आरक्षण को खत्म करने की कोशिश की, े रोहित वेमुला जैसे दलित बेटे को प्रताडि़त कर आत्महत्या करने को मजबूर किया गया, दलित उत्पीडऩ को बढ़ावा दिया गया, दलितों और अनुसूचित जाति पर उत्पीडऩ के कानून को कमज़ोर करने की कोशिश की गयी। आप दलित-बहुजन साथी अगर पूरी गोलबंदी से सडक़ पर कोहराम नहीं मचाते तो आप दलित-बहुजन के आरक्षण और आपके अधिकारों को मोदी की सरकार ने समाप्त करने का बीड़ा उठा लिया था। मैं बीमार और परेशान रहकर भी लगातार नजर बनाये हुए था,  गुरु गोलवलकर के चेले लोग आप दलित-बहुजन को मिटाने की हर संभव कोशिश करेंगे,जागते रहना है और बाबा साहब और महात्मा फुले का अलख जगाते हुए इन्हें दिल्ली से खदेड़ देना है।


यह सरकार नौटंकी की सरकार है। कभी देश खतरा में, कभी हिदू खतरा में, कभी अर्थव्यवस्था खतरा में, के नाम पर आप लोगों को  गुलाम बना कर रखना  चाहता है। लालू के रहते कोई जालीबाज इधर झांकने  का भी हिम्मत नहीं करता था। पर यह  सरकार मुंह में राम बगल में छूरी वाली सरकार है । निशाचर लोगों की सरकार है रात में जब आप सोये रहते हैं तो ये हमला करता है और आपकी मति फेर कर आपको अपने ही खिलाफ काम करने पर मजबूर कर देता है।  मायावी राक्षस की तरह लड़ाई आपस में लड़ाई करने वाली  सरकार है। कौन लकड़ी सुंघा देते हैं कि भाई की तरह कंधे से कंधा मिलाकर लडऩे वाला आदमी आपका खून पीने के लिए तैयार हो जाता है। हमको भी अपना मायाजाल में लपेटकर तोडऩे की जी तोड़ कोशिश किया ये लोग  जाल डाल के भी काबू नहीं कर पा रहे  पीछे से किसी शिखंडी के कंधा पर बंदूक रखके हमला हमला पर हमलाए बार बार जेल में रखकर हिम्मत तोडऩे का कोशिश कर रहे है। अगर मेरा पूरा परिवार और समस्त राष्ट्रीय जनता दल फिर भी मैदान में डटा हुआ है तो आप दलित-बहुजन साथियों की ताकत इसकी सबसे बड़ी वजह है।


देश- समाज की मान मर्यादा और एका के लिए  भले गुरू गोविंद के बच्चे की तरह दीवार में चिनवा दिया जाय पर ये जंग जारी रहेगी।  देश संविधान की बात तो हमारे सब लोग आपको बता ही रहे हैं । अगर ये दलित-बहुजन विरोधी लोग दुबारा हेर फेर से वापस आ गए तो देश में आपकी हैसियत क्या रहेगी। ये आपके उठने बैठने से लेकर आपकी पहचान को फिर से तीस पैतीस साल पुरानी स्थिति में आपको धकेल देंगे।  आपने कुदाल फावड़ा और गैंती छोड़ कर कलम पकडऩा शुरू किया ये उन्हें हजम नहीं हो रहा है, ये फिर से आपको अपने ढोर चराने और खेत पर सर झुकाकर जी मालिक कहने वाले बंधुआ मजदूर के रूप में देखना चाहते हैं,आप पटना और दिल्ली की सत्ता में और देश के संसाधनों में आबादी के आधार पर अपनी हिस्सेदारी मांगते हैं ।

इसलिए इस बार वाला चुनाव सरकार और गद्दार दोनों को पहचानने का है अगर चूक गए तो हमेशा के लिए चूक जाइयेगा।  इसबार दुश्मन आपके ताकत को तौल रहा है कभी बिना दस्तावेज़ और सर्वेक्षण के सवर्णों को आरक्षण दे के कभी रोस्टर सिस्टम को बदलके या फिर अनुसूचित जाति-जन जाति पर उत्पीडऩ के कानून को कमज़ोर करके, कोई सोंटा भांज रहा है तो कोई राम जी को भांज रहा है। लेकिन याद रखना मेरे साथियों। आपके लालू का हौसला बहुत मजबूत है । उससे भी मजबूत है ।  यह मायावी सरकार आपको दिखाती कुछ और है करती कुछ और है। बोलती है कि देश खतरा में हम हथियार खरीद रहे और आपका पॉकेट से पैसा निकाल के आपना यार दोस्त को देके कहती है कि आराम से विदेश निकल जाओ और मौज करो हम आए तो हमको भी कराओ।

 गठबंधन में कई दल हैं इसलिए सीट बंटवारे में सबका ध्यान रखना पड़ा है, हमारे कई नेता और कार्यकर्ता जिन्हें टिकट नहीं मिला उन सबसे अपील करते हैं कि सब मिलकर सबकुछ भुलाकर दलित बहुजन समाज का आरक्षण और संविधान बचा कर देश को खेत समझिये और जानिये कि अगर अपना समाज खेत बच गया तो फसल फिर लगेगी और बराबरी से सब दलित बहुजन की भागीदारी होगी।


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