पटना, (रिर्पोटर)  :भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार के नेतृत्व में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्य निर्वाचन आयोग से मिलकर कटिहार में नवजोत सिंह सिद्धू के बयान को अनावश्यक और उन्मादकारी बताते हुए उसकी कठोरतम शब्दों में निंदा कर राज्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वैसे तो यह कतई आश्चर्यजनक नहीं है, क्योंकि उनकी पार्टी के अध्यक्ष ही अत्यंत अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल कर झूठ बोल रहे हैंए लेकिन आप जरा एक बार कटिहार की जनांकिकी को याद कीजिए। वहां  एक समुदाय विशेष को जिस तरह उन्होंने गोलबंद होकर वोट देने की, उनकी जनसंख्या का प्रतिशत याद दिलाकर मत देने की अपील की वह साफ तौर पर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की कोशिश ही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जिस तरह चौतरफा विकास का काम किया है, हमारे विरोधियों के पास कोई मुद्दा ही नहीं बचा है। वे हताश और निराश हैं। इसी हताशा में वे सांप्रदायिक धु्रवीकरण की कोशिश में लगे हैं। भाजपा तो अपने कामों के आधार पर सकारात्मक एजेंडा से वोट मांग रही है, लेकिन विरोधियों के पास सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के अलावा चारा ही क्या है?
सिद्धू के साथ ही उन्होंने आजम खान और मायावती पर भी प्रहार करते हुए कहा कि एक खास समुदाय विशेष को धु्रवीकृत करने की कोशिश की, उसके बाद आजम खान का जयाप्रदा जी के बारे में शर्मनाक बयान सबने सुना ही है। मैं पूछना चाहता हूं कि प्रियंका वाड्रा और सोनिया गांधी इस मसले पर चुप क्यों हैं, बहन मायावती चुप क्यों हैं? चुनाव आयोग उनकी उम्मीदवारी रद्द करे। राजनीति का यह पतन शर्मनाक है, जहां राजनीतिक दलों को मुद्दों पर विरोध करने की जगह ओछी बयानबाजी करनी पड़ रही है।
प्रतिनिधिमंडल में प्रवक्ता निखिल आनंद, पूर्व विधायक संजय सिंह टाइगर, मीडिया प्रभारी पंकज सिंह, अशोक भटट, राकेश कुमार, राजीव कुमार शामिल थे।

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