पटना, (रिर्पोटर) : राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने सरकार के बचाव में प्रेस कांफ्रेंस करने वाले जदयू प्रवक्ताओं को विषेश कोचिंग करने की सलाह दी है। राजद नेता ने कहा है कि जदयू प्रवक्ता भाजपा नेताओं से ट्यूशन पढ़कर गाल बजाने की कला में माहरत हासिल करने में लगे हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा लगाये गये जिन आरोपों को साबित करने की चुनौती उनके द्वारा दी गयी है वे सारे तथ्य सरकार के रेकौर्ड में  हीं उपलब्ध है। अपने ज्ञानवर्द्धन के लिए उन्हें पहले उसका अध्ययन कर लेना चाहिए।    राजद नेता ने कहा है कि शराबबंदी लागू होने के बाद अब तक कितना शराब पकड़ा गया और कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई इसका पूरा लेखा-जोखा सरकार के पास उपलब्ध है। राज्य में हो रहे महिला उत्पीड़न, विधि व्यवस्था की बदतर स्थिति, सड़क दुर्घटनाओं में हुई वृद्धि इन सारे मामलों के रेकौर्ड  गृह विभाग और पुलिस विभाग के पास उपलब्ध है। जदयू के प्रवक्ताओं को पहले उसका तुलनात्मक अध्ययन कर लेना चाहिए। जहां तक बिहार को विषेश राज्य का दर्जा देने का सवाल है। बिहार में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री कई बार बिहार का दौरा कर चुके हैं और उनके साथ माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी भी मंच साझा कर चुके हैं परन्तु एक बार भी मुख्यमंत्री जी बिहार को विषेश राज्य का दर्जा देने की मांग करने का साहस उनके समक्ष नहीं कर सके। पटना विष्वविद्यालय के दिक्षांत समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने जो मांगे प्रधानमंत्री जी से की थी आज उसे भी दुहराने की हिम्मत वे नहीं कर पा रहे हैं। बिहार के लोगों को डबल इंजन की सरकार बनने के बाद जो भरोसा दिया गया था वह सब अब तक फेक ही साबित हुआ है।  व्यवहार में आरक्षण की व्यवस्था फेज बाई फेज समाप्त किया जा रहा है।  राजद प्रवक्ता ने कहा कि जिस पार्टी की सरकार में सामुहिक बलात्कार और बलात्कार के मामले में देश का अव्वल राज्य बना हो, बालिका गृहों में बच्चियों के साथ हुए कुकर्मों पर स्वयं उच्चतम न्यायालय द्वारा संज्ञान लिया गया हो, महिलाओं पर एसिड अटैक की घटनाएं लगातार घटित हो रही हो उस पार्टी के प्रवक्ता द्वारा महिला सम्मान की बात करना अपने आप में एक मजाक है।  राजद प्रवक्ता ने कहा है कि बिहार की जनता सब समझ रही है और जिनकी पूजी हीं अफवाह, झूठ और जुमलेबाजी है, उन्हें सबक भी सिखा रही है और आगे भी सिखाने का काम करेगी। जिसका परिणाम है कि अबतक हुए 14 लोकसभा क्षेत्रों में एनडीए के उम्मीदवार बुरी तरह से पिछड़ चुके हैं


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