पटना, (रिर्पोटर) : प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की राजनीति में 23 मई के बाद फिर उठापटक होगी। नीतीश चाचा की तथाकथित नैतिकता और अंतरात्मा जाग राजभवन भाग सकती है। क्या कोई पलटू चाचा की गारंटी लेगा,भाजपा-जेडीयू में युद्ध चरम पर। जेडीयू विलुप्त होने के कगार पर। चुनाव से चंद दिन पहले सीतामढ़ी से जदयू के घोषित उम्मीदवार ने चुनाव चिह्न यह कहते हुए लौटा दिया कि उन्हें प्रचार के लिए कार्यकर्ता ही नहीं मिल रहे है और भाजपा सहयोग नहीं कर रही है। चौथे चरण की वोटिंग के बाद पतली हालात देख जेडीयू के दरभंगा से एक विधायक ने इस्तीफा दिया।  नीतीश कुमार के मुजफ्फरपुर कार्यक्रम में जेडीयू के पूर्व मंत्री ने वर्तमान बीजेपी विधायक की जमकर पिटाई की। दोनों दलों में खुलकर लात-जूते चले। नीतीश कुमार के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक जब वोट मांगने  गोपालगंज के एक गांव में गए तो गांव वालों ने उसे वादाखिलाफी करने के कारण खदेड़ दिया। नीतीश कुमार के पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश स्तरीय नेता को झूठ बोलने के कारण ग्रामीणों ने जमकर धुलाई की जिससे उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मुख्यमंत्री के कायक्रमों में लगातार सरकार विरोधी नारे लग रहे है। नीतीश कुमार भाषण रोक प्रदर्शनकारियों पर झल्ला रहे है।

श्री यादव ने कहा कि एनडीए  के समस्तीपुर, हाजीपुर जमुई, गोपालगंज और दरभंगा प्रत्याशियों को जनता के आक्रोश का लगातार सामना करना पड़ा है। नीतीश कुमार के खास और करीबी नेता हार सामने देख खुलेआम बूथ कैप्चरिंग कर रहे है। बूथ कैप्चरिंग की ख़बर दिखाने वाले पत्रकारों को सरेआम पीटा जा रहा है। नीतीश कुमार की शारीरिक भाषा पस्त है। मोदी जी के साथ पूर्ण विरोधाभास है। उनके साथ नारे तक लगाने की हिम्मत नहीं है। बिहार में एनडीए बुरी तरह हारने जा रहा है।

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