पटना, (रिर्पोटर) :हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम  मांझी ने गिरिराज सिंह और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के द्वारा लगातार एक संप्रदाय विशेष पर टिप्पणी किए जाने को लेकर उन पर करारा हमला बोला है। मांझी ने पटना हवाईअड्डा पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि गिरिराज सिंह और साध्वी प्रज्ञा की भाषा एक आतंकवादी की भाषा है,ये भाषाई आतंकवादी है जो समाज में नफ़रत का ज़हर घोल रहे हैं। मांझी ने कहा कि कभी हरे रंग के बहाने तो कभी बुर्खा के बहाने गिरिराज सिंह लगातार एक धर्म विशेष के लोगों को टारगेट कर रहे हैं जिससे समाज में नफ़रत बढ़ रही है। इनके भाषा का आतंक इतना बढ़ गया है कि जब यह कुछ बोलने के लिए मुँह खोलते हैं तो सभ्य समाज में रहने वाले हर संप्रदाय के शांतिप्रिय लोग आतंकित हो जाते हैं। उन्हें लगने लगता है कि फिर से एक बार गिरिराज सिंह समाज को बाँटने वाली भाषा ही बोलेंगे। वहीं दूसरी तरफ़ जीतन राम माँझी ने प्रज्ञा ठाकुर के मामले पर भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओ से कई सवाल पूछें हैं।  माँझी ने कहा कि हमेशा देश भक्ति की बात करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को साँप क्यों सूँघ गया है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के शहीद हेमंत करकरे पर दिए बयान को लेकर भाजपा नेता अपना पक्ष क्यों नहीं रख रहे हैं ?क्या उनके नज़र में भी शहीद हेमंत करकरे आतंकवादियों के एजेंट थे? इन सवालो का जवाब आज देश की जनता जानना चाहती है।परंतु मुद्दों को भटकाने के लिए भाजपा नेतृत्व इन सब बातों पर चर्चा भी नहीं कर रहें हैं। मांझी ने कहा कि सही मायने में अगर भाजपा नेतृत्व को लगता है कि उन्हें देश और राष्ट्रीय एकता की चिंता है तो वह अविलंब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और गिरिराज सिंह जैसे भाषाई आतंकवादियों पर कार्रवाई करे।


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