पटना, (रिर्पोटर) :अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक  के प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में  पटना के बिहार इंडस्ट्रीज एसोशिएशन हॉल में बिहार में श्रम कानूनों के कार्यान्वयन की स्थित विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें इंटक से सम्बद्ध सभी यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया एवं अपने विचार रखें। उक्त अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने मजदूर आन्दोलन में शहीद हुये लोगों को याद कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री सिंह ने सरकार के मजदूर विरोधी नितियों के खिलाफ मजदूरों को एकजूट होकर लडऩे का आह्वान किया। उन्होनें कहा कि श्रम कानूनों का कार्यान्वयन को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और स्थायी प्रकृति के कार्यो में ठेका प्रथा को मजबूत किया जा रहा है। 133 वर्ष पहले मजदूरों के संघर्ष एवं उनकी आहुति से आठ घंटे की कार्यवधि तय हुई थी जो अब पुन: आठ घंटे के बदले बारह घंटे की कार्यावधि कर दी गई है। इससे ज्यादा मजदूरों को अपमान और क्या हो सकता है ?
श्री सिंह ने कहा कि आजादी के 71 वर्ष बाद भी देश के 45 करोड़ मजदूरों को जीवन-यापन योग्य न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा के अन्तर्गत स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा एवं पेंशन आदि की सुविधा भी नहीं दी जा रही है। श्री सिंह ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया है कि औधोगिक नियोजन (स्थायी आदेश अधिनियम, 1946 में 16 मार्च, 2018 को संशोधन कर स्थायी नियोजन को समाप्त कर दिया है और फिक्स्ड टर्म इम्पला यमेंट का मार्ग प्रशस्त कर इसे पूर्ण रूप से प्रबंधन पक्षीय बना दिया गया है।
श्री सिंह ने यह भी बताया कि देश में सभी राज्यों के अलग अलग कल्याण बोर्ड में निर्माण मजदूरों के कल्याणार्थ करीब 40 हजार करोड़ रूपये जमा है परन्तु निर्माण मजदूरों को उसका लाभ अभी भी सुनिश्चित नहीं कराया जा रहा है। बिहार में भी करीब 14 सौ करोड़ रूपये जमा रहने के बावजूद निर्माण मजदूरों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
    श्री सिंह ने यह भी कहा कि केन्द्र की वर्तमान सरकार श्रम सुधार के नाम पर सभी प्रमुख श्रम कानूनों को उद्योगपतियों एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के हितों को ध्यान में रखकर सुधार करने की साजिश कर रही है, जिसका राष्ट्र स्तर पर विरोध जारी रहेगा। ज्ञातव्य हो कि केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नितियों के चलते 8 एवं 9 जनवरी, 2019 को श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में देशव्यापी हड़ताल हुआ है। मजदूरों के अधिकारों में कटौती बंद नही किया गया तो पुन: जुलाई माह के बाद राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारी की जा रही है।
    इस अवसर पर इंटक नेता  डी.राम, आर.एन.राय, श्रीनंदन मंडल, नीरज वर्मा, चौधरी पार्वती रमण, अर्जून प्रसाद, मदन प्रसाद, राजमोहर सिंह, भरत राय, टी.के. सिंह, राम कुमार झा, प्रभात कमार सिन्हा, पवन कुमार, मो. जफर अहसन, डा. आनन्द एवं श्रीमती रीता कुमारी ने भी अपने विचार रखें।
 

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