पटना, (रिर्पोटर) : फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया अधिकारी संघ के महासचिव का. सुनील कुमार ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय और एकीकृत जो भविष्य में राष्ट्र के लिए घातक साबित होगा। विलय कर सरकार के द्वारा बैंकिंग व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। अगर बैंकों के विलय को रोका नहीं गया तो आने वाले दिनों में देश की आर्थिक ढ़ॉचा का चरमराने से कोई नही रोक सकता है जिसका असर राष्ट्र के विकास पर पड़ेगा। सरकार बैंको के विलय के माध्यम से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको में सरकार की हिस्सेदारी कम कर उन्हे निजी क्षेत्र के हाथों में सौंपने की जो साजिश कर रही है, वह आने वाले दिनो में राष्टर्् के लिए आत्मघाती कदम साबित होगा।

का. सुनील कुमार आज रविन्द्र भवन में आयोजित बैंक ऑफ इन्डिया अधिकारी संघ, बिहार के 40वें आम सभा को संबोधित कर रहे थे। आम सभा की अध्यक्षता बिहार इकाई के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह तथा संचालन प्रज्ञा एंव विभा ने की। इसके पूर्व का. सुनील कुमार, का. बी. एन. मधुसूदन, एवं अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर आम सभा का उद्घाटन किया। फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इन्डिया अधिकारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष का. बी.एन. मधुसूदन ने कहा कि आज बैंक अधिकारी अपने कार्यो का संपादन सही तरीके से कर एक नायाब उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, परन्तु सरकार और बैंकिंग बोर्ड अधिकारियों के समस्याओं को निपटारे में दिलचस्पी नही ले रही है।   

इस अवसर पर बिहार ईकाइ की ओर से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष का. डा. भी चिदम्बर कुमार, फेडरेशन के पूर्व उपाध्यक्ष का. आशुतोष चंदेल, संयुक्त महासचिव का. मनोरंजन दास एंव का. एम.बी. त्रिपाठी को पुष्पगुच्छ एंव मेमोन्टो देकर सम्मनित किया गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ इन्डिया रिटायर्ड अधिकारी संघ के सचिव एचएन अग्रवाल भी आम सभा में उपस्थित थे।


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