पटना, (रिर्पोटर) :  भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा राज्यसभा सदस्य रविन्द्र किशोर सिन्हा ने पर्यावरण असंतुलन की चर्चा करते हुए धरती के कम हो रहे जलस्तर पर चिंता जताई और आम जन से जल संरक्षण में सहयोग करने की अपील की | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ' मन की बात 'कार्यक्रम को दीघा विधान सभा क्षेत्र में हजारों कार्यकर्ताओं और आम जन के साथ सुनने के बाद श्री सिन्हा ने लोगों को सम्बोधित करते हुए तेज़ी से कम हो रहे जलस्तर पर गम्भीर चिंता व्यक्त की ।  अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के देशवासियों से ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की तर्ज पर अब जल संरक्षण पर जागरुकता पैदा करने का अभियान शुरू करने के आग्रह को जनता के समक्ष दोहराते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि जल संरक्षण अभियान को एक आन्दोलन की तरह चलाने की आवश्यकता है । इस अभियान को जन आन्दोलन बनाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से जल का संरक्षण संभव हो सकेगा ।जल संरक्षण के पारम्परिक तरीकों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले घरों के निर्माण में वर्षा का जल संग्रह करने और धरती के जलस्तर को बनाये रखने की पूरी व्यवस्था की जाती थी । उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के समय इस बात का ध्यान रखना आज भी आवश्यक है । जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण असंतुलन पर भी श्री सिन्हा ने चिंता प्रकट की और कहा कि पर्यावरण असंतुलन से वर्षा प्रभावित हो रही है । लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में पेड़ों के होने से ही पर्यावरण में संतुलन स्थापित हो सकेगा और वर्षा भी पर्याप्त होगी जिससे जलसंकट दूर होगा ।उन्होंने इस दिशा में स्वयंसेवी संस्थाओं से भी सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण के पारम्परिक तरीकों को लोगों के बीच पहुंचाने और उन्हें इसके प्रति

जागरूक करने की आवश्यकता है। देशवासियों ने जैसे स्वच्छता को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया, वैसे ही जल संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत करने की प्रधानमंत्री की अपील को उन्होंने लोगों के बीच पूरी ताकत के साथ रखा। इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि जल की महत्ता सर्वोपरि है और इसे देखते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार ने नया जल शक्ति मंत्रालय बनाया है। श्री सिन्हा ने कहा कि इस मंत्रालय के गठन के बाद पानी से संबंधित विषयों पर तेज़ी से फैसले लिए जाएंगे। श्री सिन्हा ने कहा कि देश के अलग -अलग हिस्सों में जल संकट से जुड़ीं अलग- अलग समस्याएं हैं । इसलिए देश में जल संकट से निपटने का कोई एक फॉर्मूला पूरे देश के लिए नहीं हो सकता तथा इसके लिए अलग -अलग हिस्सों में अलग -अलग प्रयास करने होंगे | उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 जून को पहली बार  देशवासियों से 'मन की बात' की |  लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री ने इस वर्ष 24 फरवरी को देशसियों से आखिरी बार 'मन की बात 'की थी । पिछले कार्यकाल में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 53 बार 'मन की बात' की थी और इस बार के कार्यकाल में उनकी यह पहली मन की बात थी जिसे भाजपा सांसद श्री आर के सिन्हा ने धर्मेंद्र कुमार , गुड्डू सिंह, अशोक कुमार , चंद्रशेखर चंद्रवंशी, रिंकू सिंह , पाटलिपुत्र मंडल की पूनम सिन्हा , अरुण चक्रवर्ती , सतीश राजू, समीर और उमेश सिंह समेत हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सुनी और उनसे प्रधानमंत्री की सुझाए सलाह पर आगे बढ़ने की अपील की ।




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