पटना, (रिर्पोटर) : बिहार, पश्चिम बंगाल एवं त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथा अनेक शिक्षण संस्थाओं के जनक डा. डी. वाई. पाटिल ने आज डी. वाई. पाटिल पुष्पलता पाटिल इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि  बिहार में हमारी प्रथम संस्था डी. वाई. पाटिल पुष्पलता पाटिल इंटरनेशनल स्कूल मेरी पत्नी की स्मृति में चार वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था। मुझे प्रसन्नता है कि इस लघुकाल में ही हमारे इस संस्थान ने  अच्छी प्रतिष्ठा अर्जित की है। अभी कई अन्य विद्यालयों की स्थापना होनी  है, जिसके लिए मैंने अपने इसी विद्यालय के स्थानीय प्रबंधन को उत्तरदायित्व दिया है। मैंने बालिकाओं के नि:शुल्क प्रवेश की सुविधा दी थी। मुझे प्रसन्नता है कि इस योजना के तहत सौ से अधिक बालिकाओं का प्रवेश हुआ है। एक अति उच्चस्तरीय एवं अधुनातन मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर कार्य होना बाकी है। आशा है हमलोग इस वर्ष इस दिशा में कदम उठा लेंगे। मैं बिहार के प्यार का ऋणी हैं और संस्थाओं के माध्यम से इस मेधावी प्रदेश की सेवा करना चाहता हूॅ। यदि सरकार और समाज का सम्यक समर्थन मिल सके तो मैं बिहार में स्तरीय संस्थाओं का जाल बिछा सकता हूॅ। हमारी विषेशताएं हैं मेडिकल कॉलेज, इंजिनीयरिंग कॉलेज , मैनेजमेन्ट कॉलेज, डेंटल कॉलेज, विश्वविद्यालय संस्थान एवं स्टेडियम निर्माण। इन सभी क्षेत्रों में सहभागी बनना चाहता हूॅ। जैसा कि आपको ज्ञात है कि राज्यपाल डॉ. डी वाई पाटिल ने अपने कार्यकाल के दौरान बिहार सरकार से कोई वेतन नहीं लिया था। आज भी उनकी वृत्ति बिहार के धनदोहन की न होकर मात्र सेवा की है। बिहार में जो भी कार्य होगा, उसका लाभांश बिहार में ही पुन: लगाया जाएगा, ऐसा वचन भी डॉ. पाटिल ने स्पष्ट किया हैं

इस संवाददाता सम्मेलन में   विधान पार्षद रामचन्द्र भारती, राधिका के, प्राचार्या, डा. सी. बी. सिंह, निदेशक, प्रेमरंजन, अध्यक्ष, प्रबंध समिति, अमरेन्द्र मोहन, उपाध्यक्ष,शैलेन्द्र कुमार पप्पू समाजसेवी डा. विनोद शर्मा, समाजसेवी उपस्थित थे।


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