रांची, (रिर्पोटर) :  मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पूरे राज्य में कार्यक्रम आय़ोजित होना है. यह इस सप्ताह की सबसे प्राइम एक्टिविटीज है. अतः इसके सफल आयोजन को लेकर किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए. राज्यवासियों को योगा कार्यक्रम से जोड़ने और इसके प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न साधनों का वृहत स्तर पर इस्तेमाल किया जाए. डॉ वर्णवाल आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्तों औऱ जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए योग दिवस को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा के दौरान ये बातें कहीं.  मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा कि रांची के प्रभात तारा मैदान में आयोजित होनेवाले मुख्य कार्यक्रम में जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ लोग योग कर सकेंगे, वहीं सभी पंचायतों, प्रखंडों और जिलास्तर पर भी योग दिवस कार्यक्रम होना है. उन्होंने जिलों के उपायुक्तों को कहा कि योग दिवस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रखण्ड और पंचायत स्तर में होर्डिंग्स, फ्लैक्स और बैनर लगवाना सुनिश्चित करें. इसके साथ रन फॉर योग, सेमिनार, कार्यशाला समेत अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. ये सारी गतिविधियां पंचायत स्तर पर भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि पूरे राज्य में योग का मुक़म्मल माहौल बनाया जा सके. डॉ वर्णवाल ने जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि योगा दिवस कार्यक्रम की सारी तैयारियां समय पूर्व पूरी कर ली जानी चाहिए. योग दिवस के पूर्व तीन दिनों तक योगा का प्रशिक्षण कार्यक्रम आय़ोजित किए जाएं. डॉ वर्णवाल ने सभी जिलों के उपायुक्त को कहा कि योग दिवस पर आय़ोजित होनेवाल कार्यक्रम को लेकर स्वैच्छिक संगठनों, चैंबर आफ कामर्स, नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस), सेल्फ हेल्प ग्रुप आदि का पूरा सहयोग लें. उनके जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को योग दिवस पर होनेवाले कार्यक्रम से जोड़ा जाए. इसके साथ ही होनेवाले कार्यक्रमों को सोशल मीडिया- फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम औऱ व्हाट्स एप्प ग्रुप के माध्यम से प्रचारित-प्रसारित करें. डॉ वर्णवाल ने कहा कि योग का संदेश घर-घर तक पहुंचना चाहिए, इसी मकसद को ध्यान में उपायुक्त सभी आवश्यक पहल करें.  vडॉ वर्णवाल ने जिलों के उपायुक्तों और जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री सुकुन्या योजना से जुड़ी डिस्प्ले, होर्डिंग्स को स्कूल-क़ालेज, आंगनबाड़ी केंद्रों, आदि में अनिवार्य रुप से लगाने को कहा. उन्होंने कहा कि स्कूलों के प्रधानाचार्यों को मुख्यमंत्री सुकुन्या य़ोजना की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को इस योजना के संदर्भ में पूरी जानकारी दें सकें, ताकि वे उसका लाभ ले सकें. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सरकार की प्राथमिकता है. इन योजनाओं का किसानों को लाभ देने के लिए सरकार द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने जिलौं के उपायुक्तों को कहा कि 24 जून को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर सभी जिलों में वृहत कार्यक्रम आय़ोजित किए जाएं. इस मौके पर किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रथम व दूसरी किस्त की राशि भेजने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने उपायुक्तों को कहा कि इन दोनों योजनाओं का भी वृहत प्रचार-प्रचार किया जाना चाहिए, ताकि सभी किसानों को इसकी पूरी जानकारी मिल सके. डॉ वर्णवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इसके अंतर्गत असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को 60 साल की उम्र के बाद 3 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी. अतः इस योजना से ज्यादा से ज्यादा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को जोड़ने के लिए शिविर लगाए जाएं. इस योजना का भी व्यापक प्रचार-प्रचार किए जाने को लेकर उन्होंने जिलों के उपायुक्तों को भी कई निर्देश दिए. डॉ वर्णवाल ने सभी जिलों के उपायुक्तों को प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों व जिलों के अन्य अधिकारियों के साथ सीधी बात करने को कहा. उन्होंने कहा कि इससे जनसमस्याओं को जिला स्तर पर दूर करने में सहूलियत हो जाएगी. उन्होंने सभी प्रखंडों से वीडिय़ो कांफ्रेंसिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं एक सप्ताह में बहाल करने का भी निर्देश दिया. इसके अलावा ई-मुलाकात अप्लीकेशन का इस्तेमाल करने के कहा. डॉ वर्णवाल ने सभी उपायुक्तों को कहा कि राज्य के आदिम जनजाति बाहुल्य तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव में सोलर लाइट आधारित पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता में है. इसके लिए 14 वें वित्त आय़ोग द्वारा राशि उपलब्ध कराई गई है. इसके साथ सीएसआर, डीएमएफ औऱ विधायक फंड का भी इस्तेमाल किया जाना है. उपाय़ुक्तों को उन्होंने कहा कि वे टोलों को चिन्हित कर वहां पेय़जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करें. इसके अलावा पंचायतों में स्ट्रीट एलईडी लाइट लगाने और गांवों में पेभर ब्लॉक के पथ बनाने के कार्य में भी तेजी लाएं. इन सभी कार्यों का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करें। डॉ सुनील कुमार वर्णवाल ने जिलों के उपायुक्तों को कहा कि लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए टेलीक्रांफ्रेंसिंग का इस्तेमाल किया जाए. जिस दिन टेलीकांफ्रेसिंग होना है उसकी पूर्व जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से लोगों को दी जाए, ताकि वे अपनी समस्याओं को टेलीकांफ्रेसिंग के दौरान रख सकें. उन्होंने यह भी कहा कि टेलीकांफ्रेंसिंग के दौरान लोगों द्वारा पूछे गए सवाल और अधिकारियों के जवाब का भी ब्योरा प्रकाशित किया जाए, ताकि वैसे लोग जो टेलीकांफ्रेंसिग में अपनी समस्या नहीं रख सके हैं औऱ किसी अन्य व्यक्ति ने उसे टेलीकांफ्रेंसिंग में उसे रखा है और उसका अधिकारी द्वारा जो निदान बताया गया है उसे वह जान सके. उन्होंने उपायुक्तों को कहा कि टेलीकांफ्रेसिंग के लिए अधिकारियों की रोस्टर तैयार कर लें, ताकि नियत दिन और समय पर वे लोगों की समस्याओं को टेलिकांफ्रेंसिंग के दौरान सुनने के लिए उपलब्ध रहें.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक रामलखन प्रसाद गुप्ता, सभी जिलों के उपायुक्त, विभाग के उप सचिव के अलावा सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक और सभी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी मौजूद थे.

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