पटना, (रिर्पोटर) :  राज्य मे लगातार झुग्गी झोंपड़ियों को उखाड़े जाने को लेकर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सरकार पर हमला बोला है।माँझी ने कहा कि बिहार में प्रायः देखा जा रहा है कि दलित एवं गरीब आवाम आवास, भूमि के अभाव में नहर किनारे, रोड किनारे, पाइन किनारे आदि सार्वजनिक स्थान में बरसो बरस से अपना आशियाना बनाकर रहते आ रहे हैं ।जिसको सरकार के शह और स्मार्ट सिटी के नाम पर उजाड़ा जा रहा है।
        मांझी ने कहा कि बिहार सरकार अतिक्रमण हटाने के नाम पर वैसे सभी आवास को उनके स्थानों से हटाकर उनके मकानों को बुलडोजर चलाकर तोड़ने का काम कर रही है और साथ ही आगे और भी घरों को तोड़ने की रणनीति बना रही है। उदाहरण के लिए नालंदा जिला हरनौत प्रखंड का गांव गोसाई मठ निवासी विजेंद्र पासवान और आनंदी पासवान यही पटना जिला अंतर्गत प्रखंड फुलवारीशरीफ के पंचायत सकरा चीहुट मुसहरी के महादलित परिवारों के लगभग 64 घर यह तो दो नमूना है । लेकिन सैकड़ों ऐसी घटना है । चाहे वह पटना का शास्त्री नगर, दीघा आदि इस तरह की बातें आए दिन हो रही हैं ।
     मांझी ने कहा कि इस तरह से गरीब दलित के प्रति सरकार संवेदन हीनता का परिचय दें कर अन्याय कर रही है । ऐसी परिस्थिति में बिहार सरकार से मांग करते हैं कि सार्वजनिक जगहों में बरसों से मकान बनाकर रहने वाले गरीब, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोग का वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उन्हें नहीं हटाया जाए । उन गरीब परिवारों को वैकल्पिक मुआवजा देकर पुनर्वासित किया जाने की मांग की है ।
      मांझी ने कहा कि हमने चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर पटना जिला, बिहटा थाना अंतर्गत बिंदौल ग्राम में नेपाली राम की हत्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई करने को पत्र लिखकर संज्ञान में देने का काम किया है । नेपाली राम के परिवार को न्याय मिले और उनके भूमि पर दखल कब्जा के साथ उनके परिवार को सुरक्षा प्रशासन द्वारा दी जाए ।

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