नईदिल्ली , (रिर्पोटर) :  केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम - वन्यजीव वास-स्थलों का समेकित विकास (सी.एस.एस.-आई.डी.डबल्यू.एच.) के तहत केन्द्र सरकार ने बाघों के लिए रू. 1010.69 करोड, हाथीयों के लिए रू. 75.86 करोड और एशियाई शेरों के लिए रू. 23.16 करोड की निधि प्रदान कि है। केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री बाबुल सुप्रियोने यह जानकारी जुलाई 8, 2019 को राज्य सभा में सांसद श्री परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उपलब्ध बनाई।

मंत्रीजी के निवेदन के अनुसार, केन्द्र ने सी.एस.एस. –बाघ परियोजना के तहत वर्ष 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में अनुक्रमित रूप से रू. 342.25 करोड, रू. 345 करोड और रू. 232.44 करोड की निधि प्रदान कि है। उसी रुप से, सी.एस.एस. –हाथी परियोजना के तहत इसी समय में रू. 21.20 करोड, रू. 24.90 करोड और रू. 29.76 करोड की निधि प्रदान कि है। पिछले तीन सालों में केन्द्र ने सी.एस.एस.-आइ.डी.डबल्यु.एच. के तहत एशियाइ शेरों के लिए रू. 1.09 करोड, रू. 2.24 करोड और रू. 19.83 करोड की निधी प्रदान कि है।

श्री नथवाणी तीन वर्षों में सरकार द्वार बाघों और हाथियों की तुलना में एशियाई शेरों के संरक्षण हेतु आवंतिट और जारी किए गए बजट और सरकार शेरों और हाथियों के लए आधुनिक और विश्व स्तरीय नैदानिक सुविधाएं शुरू करने पर विचार कर रही है कि नहीं उसके बारे में जानना चाहते थे।

मंत्रीजी ने बताया कि, हाथियों के लिए आधुनिक नैदानिक सुविधाएं शुरू करने की कोई योजना नहीं है ।


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