पटना, (रिर्पोटर) :  केंद्र की उजाला योजना की सफलता के बारे में बताते हुए भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक  राजीव रंजन ने कहा “ ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार पिछले कार्यकाल से ही लगातार कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है. सरकार ने अपना फोकस बिजली उत्पादन बढाने के साथ-साथ बिजली की अनावश्यक होने वाली बर्बादी को रोकने पर लगाए रखा है. प्रधानमन्त्री  नरेंद्र मोदी जी ने खुद कई मंचों से लोगों से ज्यादा बिजली खपत करने वाले बल्बों की बजाय एलईडी बल्ब इस्तेमाल करने की अपील की थी जिसके बाद लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए सरकार ने उजाला योजना की शुरुआत की. 1 मई 2015 को शुरू हुई यह योजना आज सफलता के नए कीर्तिमान गढ़ रही है. प्रधानमन्त्री जी की अपील के बाद लोगों ने इस योजना को हाथोहाथ लिया है. इसकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज चार वर्षों में इस योजना के तहत 35 करोड़ से अधिक एलईडी बल्बों का वितरण किया जा चुका है, जिससे आम लोगों के बिजली बिलों में कमी के साथ प्रतिवर्ष देश को 18 हजार करोड़ रु से अधिक की बचत हो रही है. इस योजना के कारण आज 45,562 मिलियन KWH बिजली की भी बचत हो रही है. यही नही इस योजना से पर्यावरण को भी काफी फायदा पंहुच रहा है. गौरतलब हो कि इस योजना के बाद से देश में होने वाले सालाना कार्बन उत्सर्जन में 3.69 करोड़ टन की भारी कमी आयी है. यानी देश को इस योजना से एक साथ कई मोर्चों पर फायदा मिल रहा है।

              श्री रंजन ने कहा “ ऊर्जा क्षेत्र में देश को सशक्त बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने काफी अभूतपूर्व काम किया है. याद करें तो जब प्रधानमन्त्री मोदी ने देश की कमान अपने हाथ में ली थी, तब आजादी के कई दशक बाद भी हजारों गांव अंधेरे में डूबे थे. मोदी सरकार ने पहले देश के सभी गांवों को रौशन किया फिर घरों तक बिजली पहुंचाने का निश्चय किया. यह सरकार के दृढ निश्चय का ही परिणाम है कि आज अधिकांश राज्यों में 100 प्रतिशत घरों का विद्युतीकरण हो चुका है तथा बाकि बचे राज्यों में काम तेजी से चल रहा है. जिसके बाद सरकार का अगला लक्ष्य सभी के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना हो जाएगा। 


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