पटना, (रिर्पोटर) :  राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, के तत्वावधान में बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ कॉफ्फेड के माध्यम से राज्य में 20 मॉडल मछलीपालन यूनिट स्थापित किये जायेंगे। इस यूनिट को मत्स्यपालन के लिए आदर्श बनाया जायेगाए ताकि राज्यभर में किसान मॉडल यूनिट पर जाकर मत्स्यपालन के अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी प्राप्त कर सके।

    इसके अलावे सरकार द्वारा पटना एवं मधुबनी में एक्वा वन सेन्टर स्थापित किये गये है। एक्वा वन सेन्टर के माध्यम से किसानों को तालाब के पानीए मिट्टी की जांच की जायेगी, इसके अलावा अगर मछली में किसी प्रकार की बीमारी फैलती है तो उसकी भी जांच की जायेगी तथा उसके उपचार बताये जायेगें। एक्वा वन सेन्टरों पर अनुदानित दर पर मत्स्य पालकों को मत्स्य बीजए भोजन और दवाएं भी मुहैया करायी जायेगी। इससे राज्य में मत्स्य उत्पादन में काफी वृद्धि होगी। वर्तमान में राज्य मछली के लिए आंध्रप्रदेश पर निर्भर है। बिहार को आत्म निर्भर बनाने के लिए मछली पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता होगी। अब मिट्टी एवं पानी की जॉंच के लिए किसानों को अब लैंब में नहीं जाना होगा बल्कि पानी एवं मिट्टी की जॉंच तालाब पर ही हो जाएगाए बस एक फोन सेंटर को करना होगा।

    मत्स्यपालन का प्रत्येक यूनिट एक हेक्टेयर में फैला होगा। यहां पर उन्नत प्रजाति की मछलियों ,कतला,जयंति रोहू एवं अमुर कॉमन कार्प के बीज मत्स्यपालकों को मुहैया कराया जाएगा। सरकार प्रत्येक यूनिट को विकसित करने पर डेढ़ लाख रूपये खर्च करेंगी। बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप का कहना है कि 20 मॉडल यूनिट स्थापित करने वाले सहित 100 मत्स्यपालकों को एक दिवसीय संगठन की ओर से प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्हें बताया जायेगा कि उन्नत किस्म के मछलियों का पालन,रख-रखाव एवं बिमारियों का रोकथाम कैसे किया जाएगा।    



Share To:

Post A Comment: