पटना/मुम्बई, (रिर्पोटर) : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री  अश्विनी कुमार चौबे ने मुंबई में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके रोकथाम के लिए नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1800116666 लांच किया। उन्होंने कहा कि किसी बीमारी से बचने के लिए जागरूकता ही बचाव है। जागरूक होकर और दूसरे में जागरूकता लाकर किसी भी बीमारी से हम दूर रह सकते हैं। वे रविवार को मुंबई में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपना मंतव्य रख रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय , महाराष्ट्र सरकार एवं डब्ल्यूएचओ की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रतिवर्ष इस बीमारी से बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। इतना ही नहीं बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता हो इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया गया है। इसके साथ-साथ अन्य जागरूकता माध्यमों के के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। 2030 तक इस बीमारी को दूर भगाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी के सहयोग से इस बीमारी से लोगों को बचाएंगे। जागरूकता लाएंगे। हेपेटाइटिस सी से ग्रसित रोगियों के बीच मुफ्त दवाई का वितरण भी केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री चौबे ने किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि आदि मौजूद थे।

इंटरनेशनल इन्स्टिट्यूट फ़ॉर पोपूलेशन स्टडी संस्थान को नेशनल इम्पोर्टेंस का दर्जा देने के लिये स्वास्थ्य मंत्रालय,भारत सरकार प्रतिबद्ध- अश्विनी कुमार चौबे

सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी(केन्द्रिय औसध परिक्षण प्रयोगशाला) एवं राष्ट्रिय तम्बाकू परिक्षण प्रयोगशाला का निरिक्षण किया और इसे अन्तर्राष्ट्रिय दर्जा दिलाने की बात कही।
केन्द्रिय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्यान राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आज सर्व प्रथम इंटरनेशनल इन्स्टिट्यूट फ़ॉर पोपूलेशन स्टडी संस्थान का निरिक्षण किया। साथ ही संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियो की एक बैठक किया। यह सन्स्थान 1985 से डीम्ड विश्वविद्यालय के रुप में कार्य होता है जहां राष्ट्रिय परिवार स्वास्थ्य सम्बन्धित विवरण एकत्रित किया जाता है। भारत सरकार को इस डाटा के द्वारा स्वास्थ्य सम्बन्धित निति निर्धारण करने मे सहयोग मिलता है। विशेषकर मातृ-शिशु मृत्यु दर आदि स्वास्थ्य सम्बन्धित डाटा संग्रहण होता है जो विश्वश्निय होता है एवं विश्व के डब्लू एच ओ सहित कयी संस्थान इं डाटा को स्टैंडर्ड मानते हैं। यु जी सी के द्वारा लगभग 450 विद्यार्थी छात्रवित्ती प्राप्त कर फेल्लोशिप एवं पी एच डी कर रहें हैं एवं जन्सन्ख्या शिक्षण का दूरस्थ शिक्षा भी दूर बैठे छात्रों को प्रदान किया जाता है।
श्री चौबे ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्र में निरन्तर प्रगती हो रही है और देश शशक्त भारत बनने के कगार पर है साथ ही स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के निर्माण में मिल का पत्थर साबित हो रहा है। शिक्षकों के सुझाव पर उन्हे नेशनल इम्पोर्टेंस का दर्जा मिले, शिक्षकों के सेवा निवृत्ति की सीमा 65 वर्ष की हो, यु जी सी द्वारा जन्सन्ख्या शिक्षण को देशव्यापी मान्यता प्रदान हो आदि।
विशेषकर मन्त्री चौबे ने बिहार एवं सुदूर क्षेत्रों के लिये सभी बिमारियों के जन्सन्ख्या का डाटा उप्लब्ध कराने की बात कही ताकी उनका व्यवस्थित इलाज हो सके। इसके साथ ही जल संरक्षण के लिये पेय जल का डाटा उप्लब्ध कराने का भी आग्रह किया।
संस्था के निदेशक प्रो के एस जेम्स ने मंत्री जी का स्वागत किया एवं मन्त्रीजी ने उन्हे जल्द ही समुचित मांगों पर विचार कर पुरा करने की बात कही।
सेंट्रल ड्रग टेस्टिंग लैब के निदेशक  रमन मोहन सिंह ने संस्था का अवलोकन करवाते हुए मन्त्री चौबे जी को विभिन्न विभागों का महत्व बताया। निरिक्षण के दौरान मन्त्री श्री चौबे ने राष्ट्रिय तम्बाकू परिक्षण प्रयोगशाला, जैविक विभाग, रसायन विभाग एवं सरकारी चिकित्सा सामग्री भण्डार का भी अवलोकन किया और ड्रग सम्बन्धित अन्य विषयों की भी जानकारी ली। देश में सभी प्रकार के ड्रग की जांच इन्ही लैब में होती है जिसके बाद उनका उपयोग होता है। यहां विश्वस्तर के उपकरण लगे हैं जो उत्कृष्ट हैं।
कार्यक्रम में डिप्टी ड्रग कंट्रोलर डॉ बीएन प्रसाद, श्रीमती मानसी पटेल और श्रीमती सयाली वर्डे भी उपस्थित थे। सीडीएससीओ के स्थापित लैब  में 4000 तरीके का जांच होता है। कार्यक्रम के उपरांत यहां वृक्षारोपण भी किया गया।

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