देवघर , (रिर्पोटर) : गरीब को गरीब बनाए रखने की साजिश करने वालों को बेनकाब करें। चाहे कितना भी बड़ा आदमी हो पब्लिक ऑर्डर सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। विधि व्यवस्था के साथ महत्वपूर्ण है पब्लिक आर्डर को कायम रखना। यदि कोई इसमें बाधा पहुँचाये तो कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई उस पर करें। मुख्यमंत्री रघुवर दास देवघर के परिसदन में संथालपरगना के सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और उप विकास आयुक्त के साथ प्रमंडल में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव और किसान पर ध्यान रहे पीएम किसान योजना और मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना से राज्य के 35 लाख किसानों के बीच 5000 करोड़ रुपए का वितरण किया जाएगा। हमारे गरीब किसानों को खाद बीज आदि के लिए किसी साहूकार के पास हाथ फैलाना ना पड़े। यही सोच सरकार की है। मुख्यमंत्री ने जिलो को लक्ष्य दिया है कि इस माह तक उनका ऑनलाइन निबंधन का कार्य पूरा कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई योजना के तहत राज्य के 14 लाख घरों में 30 सितंबर तक गैस चूल्हा और सिलेंडर पहुंचाना है। टाइमलाइन बनाकर अपने जिले के लक्ष्य को सभी हासिल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव भी शहरों की तरह चमके इसलिए 14वें वित्त आयोग के पैसों से गांव के पथ पर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य भी 30 सितंबर तक पूरा कर लें। आदिम जनजाति के गांवों में पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जन जल योजना के तहत् आदिवासी बहुल गांव में भी पाइपलाइन से पेयजल पहुंचाने का अभियान समय से पूरा करें। गांव के सड़कें पेभर ब्लॉक से बने ताकि वर्षा का जल जमीन में जा सके। इसके लक्ष्य को भी प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि संथालपरगना में कुपोषण आज भी व्याप्त है। इसके लिए सभी छह जिलों में एक ही दिन व्यापक जागरूकता रैली निकालें। महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सेवा की तरह मिशन बना के काम करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर जिला के उपायुक्त के परामर्श पर विचार कर राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि पूरे राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त जिला के अनटाइड फण्ड से करने के लिए अधिकृत होंगे। जिला योजना समिति से अनुमोदन के बदले जिला कार्यकारिणी समिति के अनुमोदन से कार्य होगा तथा जिला योजना समिति की बैठक में उससे अवगत कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को 250 आवास स्वीकृत करने का अधिकार दिए जाने की भी बात कहीं। इस पर जल्द ही उन्हें आदेश मिल जाएगा जिसके लिए लक्ष्य निर्धारित कर वे काम करें। किसी ऐसे जरूरतमन्द जिनका नाम अर्हता सूची में नहीं आ रहा है और वे समझते हैं कि उन्हें आवास दिया जाना आवश्यक है तो उनके लिए आवास स्वीकृत कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी निदेश दिया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्य को भी 30 सितंबर तक पूरा करे।  सभी जिलों के उपायुक्त अपने जिला के विद्युत विभाग के इंजीनियर के साथ बैठक कर शहर की विद्युत आपूर्ति, ट्रांसमिशन लाइन, घर-घर विद्युत पहुँचाने के कार्य की प्रगति जानकारी ले और जिले की जनता को अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य की चिंता है मुझे पर जब संथाल परगना आया तो इसके पिछड़ेपन ने मुझे बहुत बेचैन किया है। मैंने शपथ लिया है कि यहां बदलाव ला कर ही रहूंगा। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से कहा थी आप भाग्यशाली है कि आपको सेवा करने का अवसर मिला है। आइए, हम सब ऐसा कार्य कर जाएं कि हमारे बाद भी लोग हमारे काम को याद करें।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त के के खंडेलवाल, डीजीपी कमल नयन चौबे, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास  अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, ऊर्जा सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, पथ निर्माण सचिव  के के सोन, भवन निर्माण सचिव सुनील कुमार, पेय जल एवं स्वच्छता सचिव श्रीमती आराधना पटनायक, कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, खाद्य आपूर्ति एवं महिला बाल विकास सचिव अमिताभ कौशल, एडीजी विशेष शाखा अजय कुमार सिंह, आईजी ऑपरेशन्स आशीष बत्रा, आयुक्त विमल, डीआईजी संथाल परगना राज कुमार लकड़ा उपस्थित थे।

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