रांची, (रिर्पोटर) : झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने रांची,हजारीबाग, गिरिडीह और दुमका विधुत एरिया बोर्ड के दौरे के उपरांत आज रांची लौटकर बताया कि पिछले तीन दिवसीय दौरे के के क्रम में विधुत कर्मियों का हालात देखकर लगा कि इन्हें बंधुआ मजदूरों से भी बदतर इस्थिति में लाकर छोड़ दिया गया है ,जिसपर मुख्यमंत्री रघुवर दास जी को संज्ञान लेना चाहिए ।
इससे पूर्व आज झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ दुमका एरिया बोर्ड में कार्यरत कर्मचारियों की बैठक हिन्द क्लब कुम्हार पाड़ा चौक दुमका में हुई जिसमे संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए ।

उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था मे कब तक जान देंगे विद्युत कर्मी जिन्हें ना ही वेतन ना हीं सुरक्षा वही काम के दौरान जान गवाने पर ना एजेंसी ना ही विभाग की ओर से कोई देखने वाला ! पिछले महीने 9 जुलाई को ( केशव सिंह) एजेंसी मधुपुर में विद्युत कार्य करने के दौरान मौत हो गई!
आज 4 दिन बीत जाने के बाद भी इनके परिवार को ना राशि भुगतान किया गया ना ही कोई मिलने का प्रयास किया। इसकी जानकारी संघ को मिली मिलने के उपरांत संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय जी, महामंत्री अमित शुक्ला जी, कोषाध्यक्ष विजय सिंह जी मृतक के परिजनों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लिया। संघ के अध्यक्ष अजय राय जी ने परिजनों को आश्वस्त कराया की अगर उनके साथ न्याय नहीं होता है तो संघ इस मामले को लेकर एजेंसी एवं एवं लापरवाह पदाधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाने के काम करेगी। ताकि मृतक के परिजनों को मुआवजा के साथ न्याय मिल सके। उन्होंने कहा की इस मामले में पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए एजेंसी सहित दुमका एरिया बोर्ड के महा-प्रबंधक सहित इससे जुड़े हुए अधिकारियों के ख़िलाफ़ श्रमिक संघ अदालत का दरवाजा खटखटाएगी ।
अजय राय ने कहा कि यह समीक्षा करने की आवश्यकता है ऊर्जा निगम को की पुरानी व्यवस्था और आज की व्यवस्था में क्या फर्क आया है तब उन्हें समझ में आएगा कि बेवजह ऊर्जा निगम का लगभग 10 करोड़ रुपए पिछले 2 साल के दौरान एजेंसी व्यवस्था में ठेकेदारों को देनी पड़ी , वही उन एजेंसियों के ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों का शोषण का जीता जागता उदाहरण है कि पूरे राज्य में एकाध डिवीजन को छोड़ दें तो लगभग लगभग सभी एरीया बोर्ड में एवं ट्रांसमिशन जोन में कर्मचारियों को 8-10 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है वहीं उनका ईपीएफ ईएसआई भी अधूरा है जिसके कारण अगर कोई घटना दुर्घटना होती है तो उनका लाभ उन कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा जिसके कई उदाहरण रांची एरिया बोर्ड के साथ-साथ अन्य एरिया बोर्ड में भी देखा जा सकता है । श्री राय ने कहा कि पिछले 2018 में राज्य सरकार के श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई थी जो अब तक लागू नहीं हो पाई जिसे एरियर के साथ भुगतान किया जाय वहीं अब अप्रैल 2019 से न्यूनतम मजदूरी फिर श्रम विभाग द्वारा निर्धारित की गई है जिसे अविलंब लागू किया जाए ।
( 2018 और 2019 का न्यूनतम मजदूरी दर का लिस्ट इस विज्ञप्ति के साथ में संलग्न है ) उन्होंने कहा कि निगम के आउटसोर्सिंग के इस निर्णय से प्रतीत होता है कि जिन अधिकारियों के ऊपर पूरी जवाबदेही है बिजली वितरण सुचारू रूप से चलाये जाने का वह अपनी जवाबदेही निभा पाने में पूरी तरह विफल रहे हैं और अपनी कमियां छुपाने के लिए इस तरह का निर्णय लेकर अपने को बचाने का प्रयास कर रहे हैं ।
अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री इस विभाग के मंत्री भी हैं उन्होंने पिछले दिनों अपनी समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के ऊपर में जो करवाई किया है वह काफी स्वागत योग्य है इस तरह का निर्णय उन्हें आगे भी लेना होगा ताकि यहां की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके और अधिकारियों में भी अपने कार्य के प्रति सजगता बनी रहे ।
बैठक को संघ के महासचिव ( ट्रांसमिशन) अमित शुक्ला कोषाध्यक्ष विजय सिंह ने भी सम्बोधित किया ।
आज के बैठक में राजीव कुमार, कुणाल कुमार सिंह ,संतोष मिश्रा,जितेन्द्र कुमार साह, आर .के. सहाय ,पंकज कुमार मिश्रा, अमिय कुमार मंडल, अक्षय कुमार यादव, मनोज कुमार मंडल,अब्दुल मन्नान,गौतम कुमार,विभीषण कुमार राव,किशन यादव,दुलाल कुमार मंडल
बसीर अंसारी,लालमोहन पंडित,मोनू रविदास,राजू मंडल,रंजीत महतो,जीतन वैध,राम तुरी,दिलीप कुमार रजक,गोपाल प्रसाद,सुजीत कुमार,चंदन कुमार तिवारी,पपु हेम्ब्रम,मिथलेश कुमार ओझा,संजय प्रसाद,मयंक कुमार,संदीप कुमार मंडल,प्रभाकर,बीरेंद्र सिंह, रजनीकांत रवि,किसनु कुमार,गौरव कुमार, संतोष कुमार साह,चंद्रशेखर आज़ाद,संजय मंडल,प्रदीप साह,विभीषण राय,सुदीप सोरेन,कयूम अंसारी,सुनील कुमार सहित सैकड़ों सदस्य शामिल हुए ।

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