पटना, (रिर्पोटर) : आम आदमी पार्टी बिहार के चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर पंकज गुप्ता के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम डॉ सुरेंद्र, डॉ मिथिलेश, प्रदेश अध्यक्ष शत्रुघ्न साहू, राकेश कुमार, उमा दफ़्तुआर एवं बबलू कुमार प्रकाश ने बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच का निरीक्षण किया।  डॉ पंकज गुप्ता ने कहा की बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच की स्थिति बहुत ही दयनीय है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल होने के नाते राज्य के सभी जिले से मरीजों को यहां रेफर किया जाता है इस उम्मीद में की बेहतर इलाज हो सके पर आलम यह है की अस्पताल जो कभी देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में शुमार था, आज पीएमसीएच चिकित्सक और अन्य सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रही है।  सरकारी रिपोर्ट के अनुसार पीएमसीएच के अलग-अलग विभागों में सीनियर रेजिडेंट की 242 पद स्वीकृत है जिसमें मात्र 120 सीनियर रेजिडेंट कार्यरत है, यानी कि 50 फ़ीसदी पद रिक्त है। आश्चर्य तो तब हुआ जब निरीक्षण के क्रम में डॉक्टर पंकज गुप्ता एवं टीम ने पाया की टीवी विभाग में मात्र एक डॉक्टर , न्यूरोलॉजी विभाग में एक भी डॉक्टर नहीं है जबकि नेत्र विभाग में 12 में से 6 और रेडियोलोजी विभाग में 14 स्वीकृत पद में से मात्र 2 डॉक्टर पदस्थापित है। शिशु विभाग में 14 में से मात्र 11 डॉक्टर कार्यरत है जिसमे से 5 डॉक्टर को एसकेएमसीएच एवं अन्य जिलों में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। प्रसूति विभाग में 16 डॉक्टर हैं जबकि 4 महिला डॉक्टर ने ज्वाइन नही किया है।

डॉ पंकज गुप्ता ने कहा कि बिहार का सबसे बड़े अस्पताल में मात्र 120 डॉक्टर है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने निरीक्षण के क्रम में चिकित्सकों की भारी कमी के अलावा अन्य चिकित्सा संबंधी सामग्री में भारी कमी पाया। मेडिसिन, ग्लव्स, सर्जिकल आइटम की भारी कमी देखी गई ,बेडशीट गंदा, गद्दा फटा हुआ, पंखा, एसी खराब, मेंटिनेस की भारी कमी देखी गई। हद तब हो गई जब स्वच्छ भारत अभियान पीएमसीएच अस्पताल में दम तोड़ती नजर आई, बाथरूम की साफ सफाई बिल्कुल ही नहीं दिखी। प्रसूति विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि चतुर्थ वर्गीय कर्मियों की कमी है। लिफ्ट की अत्यधिक आवश्यकता है। महिला सुरक्षा कर्मी तैनात नही है। अक्सर प्रसूति विभाग में असमाजिक तत्व उत्पात मचाया करते है। डॉ पंकज ने कहा कि 10 जुलाई को पटना के पीएमसीएच और 12 जुलाई को एसकेएमसीएच का निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान मैने पाया कि बिहार का स्वास्थ्य महकमा खुद ही आईसीयू में है जिसे इलाज की जरूरत है। पीएचसी से लेकर मेडिकल कॉलेज की स्थिति बद से बदतर है।  उन्होंने कहा है कि 'आप' चिकित्सा प्रकोष्ठ के डॉक्टरों की टीम जल्द ही निरीक्षण प्रतिवेदन सुझाव के साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से मिलकर सौपेगी।



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