पटना, (रिर्पोटर) : आम आदमी पार्टी(आप) ने बिहार में आए बाढ़ पर "श्वेत पत्र" जारी करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चंद्र भूषण ने एक बयान जारी कर नीतीश सरकार से राज्य के विभिन्न जिलों में आयी बाढ़ से हुई तबाही, प्रशासन द्वारा बाढ़ नियंत्रण की दिशा पिछले 14 साल में किए गए उपाय और विभिन्न रिपोर्ट पर क्या कार्यवाही हुई उस पर तत्काल "श्वेत पत्र" जारी करने की मांग की है। उन्होंने नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि वह बिहार को बाढ़ से मुक्ति दिलाना ही नहीं चाहते।

चंद्र भूषण ने बिहार में बाढ़ पर समय-समय पर विभिन्न कमेटियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 1928 में एक अंग्रेज एडम विलियम्स ने अपनी अध्यक्षीय रिपोर्ट में लिखा था कि बिहार में बाढ़ की क्षति को रोका जा सकता है, अगर पानी को जल्द से जल्द समुद्र में ले जाया जा सके। यह तभी संभव है जब पानी के रास्ते में रुकावट बनने वाली वस्तुओं और यंत्रों को उसके रास्ते हटा दिया जाए। इसी प्रकार 1942 में घोष कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि बाढ़ को रोका तभी जा सकता है जब बांध बनना रोका जाए और नदी को गहरा बनाया जाए।


चंद्र भूषण ने इसी प्रकार 2007 की  भीषण बाढ़ के बाद बिहार सरकार द्वारा बाढ़ नियंत्रण पर नीलेंदु सान्याल के नेतृत्व में गठित  समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उस रिपोर्ट का क्या हश्र हुआ किसी को नहीं पता।  उस रिपोर्ट में समिति ने बाढ़ से मुक्ति की दिशा में कई उपाय बताए थे जिसमें हंगरी में दानुबी नदी के किनारे जो यंत्र लगाया गया था, उसे देखने की आवश्यकता पर बल दिया गया था। मगर राज्य सरकार ने इन सुझावों पर आगे कुछ किया हो,  इसकी कोई जानकारी नहीं है।


आप के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय बाढ़ आयोग के अनुसार भारत में बाढ़ प्रभावित क्षतिग्रस्त क्षेत्र का बिहार अकेले 22.8 फीसदी का हिस्सेदार है।  उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार की आंखें हैं कि बाढ़ आने पर खुलती हैं और बाढ़ का पानी उतरने के साथ बंद हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया कि सरकार इन रिपोर्टों को ध्यान में रखते हुए श्वेत पत्र जारी करे ताकि बाढ़ नियंत्रण पर समुचित नीति तैयार हो और उसपर अमल भी हो ताकि प्रदेश की जनता को बाढ़ से ही नहीं, इससे राहत के नाम पर होने वाली हजारों करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं से भी मुक्ति मिल सके।


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