पटना, (रिर्पोटर) :  नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के 38 वें स्थापना दिवस पर उसके पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित समारोह को मुख्यअतिथि के तौर पर सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आरबीआई ने बिहार के केसीसी धारक किसानों को बैंकों से कर्ज के लिए अब प्र.मं. फसल बीमा योजना की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने 12.48 लाख रैयतों के साथ 1.71 लाख गैररैयत किसानों (बटाईदारों) को भी कृृषि इनपुट सब्सिडी, 88,212 बटाईदारों से धान की खरीद व 1.80 लाख बटाईदारों को बिहार फसल सहायता योजना का लाभ केवल स्वघोषणा के आधार दिया है। श्री मोदी ने कहा कि बिहार में प्र.मं. फसल बीमा योजना लागू नहीं होने से केसीसी किसानों को कर्ज देने में बैंक आनाकानी कर रहे थे फलतः 2018-19 में 10 लाख नए केसीसी के लक्ष्य के विरूद्ध बैंकों ने मात्र 2.19 लाख को ही कर्ज दिया। मगर 11 जुलाई, 2019 को भारत सरकार की पहल पर आरबीआई ने एक परिपत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि बैंकों को बिहार के केसीसी धारक किसानों को कर्ज देने के लिए प्र.मं. फसल बीमा योजना की अनिवार्यता नहीं होगी, क्योंकि बिहार सरकार किसानों से बिना प्रीमियम लिए उन्हें बिहार फसल सहायता योजना से लाभान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्य के लिए डीजल की निर्भरता खत्म करने के लिए 5500 करोड़ की लागत से हर खेत में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 1.03 लाख कनेक्शन दिए गए है तथा नए कनेक्शन के लिए प्राप्त 5 लाख आवेदकों को 31 दिसम्बर, 2019 तक कनेक्शन देकर हर खेत तक बिजली पहुंचा दी जायेगी। प्रथम चरण में 30 हजार सोलर पम्प लगाये जायेंगे जिससे किसान सिंचाई के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादित कर ग्रिड में बेच सकेंगे


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