पटना, (रिर्पोटर) : बिहार निषाद संघ प्रदेश कार्यालय में संघीय सचिव मंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष ई. हरेन्द्र प्रसाद निषाद ने कहा कि 14 प्रतिशत आबादी वाले निषाद समाज ने संघ के पहल पर वर्ष । 2019 के लोक सभा चुनाव में एनडीए के 39 उम्मीदवारों को जीताने में अहम योगदान दिया है। इसलिए निषाद समाज राजनीति में उचित भागीदारी के हकदार है। संघ के प्रधान महासचिव रामाशीष चौधरी ने मत्स्य उत्पादन के वृद्धि एवं मछुआरों की समस्याएं। शीघ्र निदान हेतु मुख्यमंत्री जी से बिहार राज्य मछुआरा आयोग का शीघ्र पुनर्गठन करने की मांग की।

संघ के महामंत्री अवध कुमार चौधरी ने निषादों की पूर्व से लंबित मांगें जैसे परम्परागत मछुआ जाति की सूची जारीकर मत्स्यजीवी सहयोग समितियों से गैर मछुआ को निष्कासित कर परम्परागत मछुआ को ही सदस्य बनाने, भूमिहीन, गृहविहीन निषादों को आवास हेतु 5 डिसमिल जमीन आवंटन करने एवं गृहविहीन मछुआरों को प्रत्येक जिला में कम से कम 1000 मछुआरा आवास निर्माण कराने, बिहार में प्रत्येक जिला में निषाद गोताखोर की नियमित बहाली करने एवं सरकार के पूर्व घोषणा के अनुसार एक रूपया टोकन मनी पर जलकरों की बन्दोवस्ती करने, ये सभी मांगें को 10 जुलाई विश्व मछुआरा दिवस के पूर्व निर्णय लेने की सरकार से मांग की।

बैठक में चरितर चौधरी, जलेश्वर सहनी, शशि भूषण कुमार, धीरेन्द्र कुमार निषाद, सुरेश प्रसाद सहनी, कृष्णा देवी, जीवोधन निषाद, देशज जलज, रघुनाथ महतो, जीतेन्द्र कुमार, मनोज निषाद, विनोद सहनी इत्यादि उपस्थित थे।


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