पटना, (रिर्पोटर) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में आयोजित उद्यमी पंचायत की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 पर मध्यावधि समीक्षा बैठक के लिये उद्यमी पंचायत का आयोजन किया गया है। आज की इस बैठक में उद्योग से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों ने अच्छे विचार एवं सुझाव दिये हैं। इस मध्यावधि समीक्षा बैठक का उद्देश्य है कि और क्या-क्या सुधार किये जा सकते हैं, जिससे राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों पर पदाधिकारियों ने भी अपनी राय रखी है। बैठक में उठाये गये विभिन्न मुद्दों पर मुख्य सचिव के स्तर पर विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव/सचिव इस पर अलग से विचार करेंगे और जरूरत पड़ी तो उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से और विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा कि हमलोगों का उद्देश्य रहा है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा सके। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग पिछले 13-14 वर्षों से राज्य की सेवा कर रहे हैं। प्रत्येक क्षेत्र में हमलोगों ने विकास किया है। हर घर तक बिजली पहुॅच गयी है। गॉव-गॉव में लोग फ्रीज, एसी का उपयोग करने लगे हैं। लोगों तक बिजली की पहुॅच से अन्य उत्पादों की बिक्री काफी बढ़ी है। राज्य में कई दुकानें खुली हैं। लोग अब सामान खरीदने के लिये राज्य के बाहर बड़े-बड़े शहरों में नहीं जा रहे हैं बल्कि राज्य के छोटे-छोटे शहरों में सभी सामान दुकानों में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन के क्षेत्र में काफी काम किया गया है। राज्य में अच्छी सडक़ें बनी हैं। बड़ी संख्या में फ्लाई ओवर का निर्माण कराया गया है। गॉवों, टोलों में भी पक्की गली-नाली का निर्माण कराया जा रहा है। पटना शहर के अंदर की सडक़ों को बेहतर बनाने के लिये हमलोग काम कर रहे हैं। शहरी हो या ग्रामीण हर क्षेत्र में महिलायें व्यवसाय के क्षेत्र में आगे आ रहीं हैं। आईटी क्षेत्र के लिये मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग बनायी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमलोगों ने कार्यभार संभाला था तो उस समय राज्य का बजट 23,800 करोड़ रूपये का था, जो अब बढक़र 2 लाख करोड़ रूपये तक पहुॅच गया है। हमलोग राज्य में काम करने वाले उद्योगपतियों एवं व्यवसायियों को प्रोत्साहित करते रहे हैं। जिन उद्योगपतियों एवं व्यवसायियों ने बिहार में रहकर काम किया है, उन्हें सम्मानित भी किया गया है। यहॉ पंजाब की साइकिल इन्डस्ट्री के यूनिट की स्थापना की गयी है। बिस्किट की फैक्ट्री लगी है। बिहार में बड़े उद्योग लगाने की संभावना कम है लेकिन छोटे उद्योगों को स्थापित करने के लिये आप सभी को सजग होने की जरूरत है। राज्य की आबादी अधिक है, लोगों की जरूरतें बढ़ी हैं। आप सब आत्मचिंतन कर उद्योग क्षेत्र के विकास के लिये आगे आयें। राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। उद्योग के क्षेत्र में कुछ कमी रह गयी है लेकिन आप सब के सहयोग से इस क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सकता है। राज्य में निजी क्षेत्र के द्वारा ही उद्योग लगाया जाना है। सरकार इसमें आप लोगों की हरसंभव मदद करने के लिये तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिये कई कदम उठाये हैं। बिजली पर सब्सिडी दी जा रही है। राज्य में कानून व्यवस्था बेहतर है। आप सब प्रतिनिधियों को यह विचार करना होगा कि राज्य में उद्योग कैसे लगे। आप अच्छे उत्पाद बनायेंगे तो राज्य के बाजार में उसकी खपत भी होगी, आपके साथ-साथ राज्य के लोगों का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि यहॉ व्यापार में लोगों को फायदा हो रहा है। उसका एक हिस्सा उद्योग में लगायेंगे तो निश्चित रूप से इस क्षेत्र में तरक्की होगी। हमलोगों की तरफ से और जो कुछ भी सहयोग की आवष्यकता होगी, उसके लिये तत्पर हैं। हमारे प्रशासनिक पदाधिकारी भी आपके सुझावों पर गौर करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की मध्यावधि समीक्षा के प्रेजेंटेशन में बताया गया कि अब तक 14,855 करोड़ रूपये का ही निवेश प्रस्तावित है। हमलोगों को इसके लिये और काम करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्यमी पंचायत की बैठक के अलावा पर्यटन,  खाद्य प्रसंस्करण, गन्ना, तसर एवं अन्य क्षेत्रों के लिये भी अलग से बैठक की गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य में जो भी लोग उद्योग लगाने के लिये आगे आयेंगे, उन्हें उद्योग विभाग की तरफ से सम्मानित किया जायेगा। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति में अगर और कुछ भी सुधार की आवष्यकता होगी और उसके लिये जो प्रस्ताव आयेगा, उस पर हमलोग काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में आप सभी की उपस्थिति के लिये धन्यवाद देता हूॅ।
कार्यक्रम की शुरूआत में उद्योग विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 की अब तक की प्रगति से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। राज्य के उद्योग जगत के विभिन्न प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी समस्यायें एवं सुझाव रखे। उद्यमी पंचायत में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, उद्योग मंत्री श्याम रजक ने भी अपने विचार रखे।
बैठक में ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, गन्ना उद्योग मंत्री श्रीमती बीमा भारती, बिहार उद्योग संघ के अध्यक्ष केपीएस केशरी, बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल, एसोचेम बिहार रीजन के अध्यक्ष राम लाल खेतानए  महिला उद्योग संघ की अध्यक्ष श्रीमती मेनका सिन्हा सहित उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त सुभाष शर्मा, अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय चन्द्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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