पटना, (रिर्पोटर) : कबीर के लोग व चित्ति की ओर से बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर आयोजित ‘गांधी और दलित’ विषयक संगोष्ठि को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लोकसभा व विधान सभाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति को जो आरक्षण मिला हुआ है वह गांधी और अम्बेदकर की देन है। छुआछूत दूर करने, मंदिरों में दलितों के प्रवेश आदि के लिए गांधी जी के योगदान को भूलाना संभव नहीं है। गांधी-अम्बेदकर के विचारों को आज एकाकार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दलितों को पृथक निर्वाचन देकर उन्हें हिन्दू समाज से अलग करने की अंग्रेजों की चाल के विरोध में गांधी जी ने 1932 में यरवादा जेल में रहते हुए आमरण अनशन किया, जिसके बाद गांधी और अम्बेदकर में पूणा पैक्ट हुआ जिस पर पं. मदन मोहन मालवीय, राजा जी, जी डी बिड़ला जैसी हस्तियों ने दस्खत किया। हरिजनोद्धार, छुआछूत दूर करने और दलितों के मंदिरों में प्रवेश के लिए गांधी जी ने 1933-34 में 8 महीने के दौरान साढ़े बारह हजार किमी की यात्रा की तथा पूरे देश में घूम कर 8 लाख रुपये का चंदा एकत्र किया। श्री मोदी ने कहा कि दलितों के मंदिरों में प्रवेश के लिए उनके आंदोलन से आक्रोशित लोगों ने बिहार के आरा स्टेशन पर उनपर पथराव किया। जब वे देवधर गए तो वहां भी उनका विरोध किया गया। विरोध के बावजूद दलितों के मंदिरों में प्रवेश के लिए गांधी जी पूरे देश में अभियान चलाते रहे। दक्षिण के सुदूरवर्ती राज्य केरल के गुरूवायु मंदिर में उन्होंने दलितों को प्रवेश दिलाया। गांधी का कहना था कि हिन्दू धर्म में छुआछूत कलंक है जो कदापि नहीं होना चाहिए।


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