सिंगापुर उच्च न्यायालय ने एक भारतीय जांच एजेंसी की अर्जी पर अरबों रुपये की पंजाब नेशलन बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में आरोपी नीरव मोदी की बहन और बहनोई के वहां के बैंकों में जमा 44.41 करोड़ रुपये जब्त करने के आदेश दिए हैं।


भारतीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि भारत में मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में यह आदेश दिया गया है। एजेंसी ने कहा कि जब्त किया गया खाता पैवेलियन प्वाइंट कारपोरेशन के नाम से बैंक खाता है। यह कंपनी ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में स्थित है। यह कंपनी से अंततरू लाभान्वित होने वाले व्यक्तियों में पूर्वी मोदी और मयंक मेहता का नाम बताया गया है। पूर्वी नीरव मोदी की बहन है और मयंक नीरव मोदी के बहनोई हैं। भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित नीरव इस समय लंदन में जेल में बंद हैं और उसे वहां से भारत के हवाले करने की कानूनी कार्रवाई चल रही है। सिंगापुर उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय के आग्रह पर वहां जमा 61.22 लाख अमेरिका डालर 44.41 करोड़ रुपये जब्त करने का आदेश दिया। अदालत ने इस आधार पर राशि जब्त करने का आदेश दिया कि बैंक खाते में जमा राशि अपराध की कमाई है जिसे नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक के कर्ज के साथ धोखाधड़ी कर के हासिल की है। एजेंसी ने पिछले साल मनी लांड्रिंग निरोधक कानून पीएमएलए के तहत जारी अस्थायी आदेश के तहत सिंगापुर में यह बैंक खाता कुर्क किया था।



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