पटना, (रिर्पोटर) : सुख, सौभाग्यदायक माने जाना वाला हरितालिका व्रत 02 सितम्बर को होगी। द्वितीय का योग्य निषेध एवं चतुर्थी का योग्य श्रेष्यकर होता है। पवन कुमार शास्त्री ने कहा कि द्वितीया का योग्य पितामह एवं चतुर्थी का योग्य पुत्र की तिथि होती है। इसलिए 02 सितम्बर को उदया तिथि में तृतीया का योगय मिलने के कारण सोमवार को दिन भर पूजा किया जा सकता है। 01 सितम्बर को दिन के 11:02 मिनट से तृतीया तिथि का प्रारंभ है जो 02 सितम्बर को प्रात: 9:02 मिनट तक रहेगी। पूजा गोधुली एवं प्रदोषकाल में किया जाना श्रेष्टकर होगा। शास्त्रमत अनुसार स्त्रीणां नित्यकाम्यज्च, चतुर्थी सहिताया तु सा तृीया फलप्रदा। भविष्योत्त्तर पुराण के अनुसार भाद्र शुक्ल तृतीया को हरितालिका व्रत किया जाता है। इसमें मुहूर्त न हो तो परा तिथि गग्रहण की जाती है।

Share To:

Post A Comment: