पटना, (रिर्पोटर) : ‘बजट सब्सिडीज आॅफ द सेंट्रल गवर्मेंट एंड 14 मेजर स्टेट’ विषयक व्याख्यान में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 2018-19 में केन्द्र सरकार ने जहां टेक्नाॅलाॅजी के प्रयोग से विभिन्न योजनाओं से जहां बिचैलियों और लिकेजेज को खत्म किया वहीं लाभार्थियों के बैंक एकाउंट को आधार सिडिंग कर डीबीटी के जरिए सीधे राशि हस्तांतरित कर 1 लाख 41,677 करोड़ की बचत की। उन्होंने कहा कि एलपीजी की सब्सिडी उपभोक्ताओं के एकाउंट में ट्रांसफर कर 4 करोड़ 23 लाख फेक व डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान कर रद्द किया गया जिससे 2018-19 में 59 हजार 599 करोड़ की बचत हुई। श्री मोदी ने कहा कि 2 करोड़ 98 लाख फर्जी व दोहरे राशन कार्ड की पहचान कर 47 हजार 663 करोड़ की बचत की गई। इसी प्रकार मनरेगा के तहत डीबीटी से भुगतान की व्यवस्था के कारण 20 हजार 790 करोड़ बिचैलिए के हाथों में जाने से बचाया गया। आंगनबाड़ी के 1 करोड़ 98.8 फेक व डुप्लीकेट लाभार्थियों को सिस्टम से हटा कर 1,523 करोड़ की बचत की गई। देश की सभी उर्वरक दुकानों में पीओएस मशीन लग कर यूरिया की कालाबाजारी व तस्करी पर कारगर रोक से 10 हजार करोड़ की बचत हुई।   2019-20 के बजट में केन्द्र सरकार ने 3 लाख 1,694 करोड़ रुपये तथा बिहार सरकार ने 6,068 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया है। बिहार में केवल बिजली पर ही 3500 करोड़ की सब्सिडी दिया जाता है। केन्द्र सरकार मुख्यतः उर्वरक (74986 करोड़), खाद्य(1लाख 84 हजार करोड़) एवं पेट्रोलियम पदार्थों(37487करोड़) पर सब्सिडी देती है, जबकि पेट्रोल-डीजल पर सब्सिडी पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। घर-घर बिजली और उज्जवला के तहत एलपीजी पहुंचने के बाद किरासन तेल जिस पर सर्वाधिक सब्सिडी दी जाती थी की खपत भी आधी रह गयी है। हरियाणा जैसे राज्य पूरी तरह से किरासन मुक्त हो गया है।


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