पटना, (रिर्पोटर) : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती हरजोत कौर ने नई बालू नीति-2019 से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। साथ ही बैठक में बालू नीति 2013 की समीक्षा पर भी चर्चा की गयी। नई बालू नीति-2019 के उद्देश्य में अवैध खनन पर रोक लगाना, नदियों की गुणवत्ता बनाये रखना, पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकी संतुलन बनाये रखना, स्वामित्व एवं अन्य करों की वसूली सुविधाजनक ढंग से हो, जैसे प्रमुख बिन्दू शामिल हैं।खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती हरजोत कौर ने पत्थर भूखंडों की बंदोबस्ती की पृष्ठभूमि से संबंधित एक प्रस्तुतीकरण भी मुख्यमंत्री के समक्ष दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन कार्य के अनुश्रवण एवं उस पर नियंत्रण के लिए ड्रोन एवं सेटेलाइट का भी प्रयोग किया जा सकता है। बालू व्यवसाय पर एकाधिकार न रहे, ऐसी व्यवस्था बनानी है। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐतिहासिक, पुरातात्विक महत्व के पहाड़ों को संरक्षित रखना है। पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ से हमें बचना चाहिए। कुछ पहाड़ों जिन्हें खुदाई के लिए चिन्हित किया गया है, उसकी विषेषज्ञों से जांच करवा लेनी चाहिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  सुशील कुमार मोदी, खान एवं भूतत्व मंत्री श्री बृजकिशोर बिंद, मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अतुल प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती हरजोत कौर, मुख्यमंत्री के सचिव  मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय  चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


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