पटना, (रिर्पोटर) :राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का सदस्य बनने के लिए लोगों  में उत्साह संगठन को मजबूत करने और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी रालोसपा बिहार में सदस्यता अभियान चला रही है, पार्टी दवाइ, पढ़ाई और कमाई के अपने नजरिए को लोगों तक पहुंचा कर लोगों को सदस्य बना रही है। शिक्षा सुधार, हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में कोलेजियम प्रणाली समाप्त करने,बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों-नौजवानों के मसले को उठा कर पार्टी लोगों को जोड़ रही है,सदस्यता अभियान व्यापक पैमाने पर सभी जिलों में चलाया जा रहा है,छात्रों, नौजवानों, पिछड़ों-अतिपिछड़ों, अल्पसंख्यकों के साथ-साथ महिलाओं ने रालोसपा की सदस्य बनने में दिलचस्पी दिखाई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक ने बताया कि पहले चरण में पांच अगस्त तक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।  दूसरे चरण का अभियान बाद में चलाया जाएगा। मल्लिक ने बताया कि पहले चरण के तहत कई जिलों में सदस्यता अभियान पूरा कर लिया गया है, पार्टी का लक्ष्य पहले चरण में जिला से लेकर पंचायत स्तर तक पहुंचना है और सदस्य बनाना है, दूसरे चरण में बूथ स्तर तक सदस्य बनाने का अभियान चलाया जाएगा और हर बूथ पर कम से कम एक सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के विचारों और पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर बड़ी तादाद में पार्टी से लोग जुड़ रहे हैं,मल्लिक ने बताया कि रालोसपा ने पिछले कुछ सालों में अपनी पैठ बनाई है और शिक्षा सुधार से लिकर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सडक़ों पर उतरी हैं, लोगों में इसका बेहतर संदेश गया है,इस वजह से लोग पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

मल्लिक ने बताया कि सदस्यता अभियान के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने और अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव की तैयरी भी पार्टी ने शुरू कर दी है, पार्टी ने फिलहाल राज्य की सभी सीटों पर चुनावी तैयारी शुरू कर दी है, दूसरे चरण के सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद पार्टी शिक्षा और स्वास्थ्य को मुद्दा बना कर अपने आंदोलन को और धार देगी,रालोसपा शिक्षकों के समान  वेतन की मांग का समर्थन करती है इसलिए इस मुद्दे को भी पार्टी मुखरता से उठाएगी।  किसानों के मुद्दे पर भी पार्टी ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है,बिहार बाढ़ और सुखाड़ दोनों से जूझ रहा है लेकिन सरकार की तैयारी आधी-अधूरी है। मल्लिक ने बताया कि प्रदेश में बाढ़ और सुखाड़ से निपटने में सरकार नाकाम रही है और उसके पास बाढ़ से निपटने का रोड मैप ही नहीं है, मल्लिकके मुताबिक दूसरे चरण में सदस्यता अभियान को और व्यापक तरीके से चलाया जाएगा। 

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