पटना, (रिर्पोटर) : रिजर्ब बैंक से केन्द्र सरकार को मिले पैसों को लेकर हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के इस फैसले से अब यह स्पष्ट हो गया है कि आरबीआई के उपर केन्द्र की मोदी सरकार ने अपना अघोषित कब्जा जमा लिया है और वहां भी लूटपाट का खेल शुरू हो गया है।

श्री मांझी ने कहा कि मोदी सरकार को रिजर्व बैंक के पैसे देने के इस घातक फैसले से अब यह बात स्पष्ट हो गई है कि वहा के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन और उर्जित पटेल सहित कई अधिकारियों के इस्तीफा का कारण इसी रिजर्व पैसे की डिमांड रही होगी। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पर मोदी सरकार पैसे के लिए दबाव बना रही थी। जो भी गवर्नर मोदी सरकार के फैसले का विरोध कर रहे थे उन्हें या तो इस्तीफा देकर जाना पडा या फिर उनपर कोई न कोई कारवाई शुरू हो गई और अब जो गवर्नर आए हैं वह सरकार के इशारे पर काम कर रहें हैं जिसका नतीजा है कि इतनी बडी रकम त्ठप् ने केन्द्र सरकार को सौंप दी जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए कही से ठीक नहीं। अर्थशास्त्री भी मानते हैं कि रिजर्व बैंक के इस पैसे को केंद्र सरकार को नहीं देना चाहिए था यह रिजर्व मनी होती है जो आपात स्थिति में ही निकाला जा सकता है। श्री मांझी ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हर संवैधानिक संस्थाओं को अपने पार्टी का विंग बनाती जा रही है पहले इनकम टैक्स फिर ईडी उसके बाद सीबीआई और अब रिजर्व बैंक पर भी सरकार ने अपना आघोषित कब्जा जमा लिया है जो देश के अंतिम ढांचे के लिए कही से ठीक नहीं।


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